Shivani Gupta
19 Jan 2026
शारदीय नवरात्रि शुरू हो चुके हैं। ये दिन मां दुर्गा की उपासना के लिए बेहद पवित्र माने जाते हैं। इन दिनों में मां की पूजा, आरती और व्रत रखना शुभ होता है। पहले दिन घटस्थापना के साथ माता की चौकी लगाई जाती है, जिसके कुछ खास नियम बताए गए हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चौकी हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में रखनी चाहिए। माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और माता की कृपा बनी रहती है।
कहा जाता है कि नवरात्रि में अगर चौकी खाली छोड़ दी जाए तो पूजा का फल नहीं मिलता और इसे अशुभ माना जाता है। इसलिए चौकी के पास हमेशा किसी न किसी का होना जरूरी है।
मां की चौकी को सूना छोड़ना देवी का अनादर माना जाता है। चौकी के पास बैठने वाले को सात्विक और शुद्ध रहना चाहिए, तभी मां प्रसन्न होती हैं।
अगर चौकी सूनी छोड़ दी जाए तो घर में नकारात्मक ऊर्जा का असर बढ़ सकता है। लगातार निगरानी से चौकी की पवित्रता और सुरक्षा बनी रहती है।
नवरात्रि में चौकी पर रखे कलश और बोए गए जौ समृद्धि और देवी के आशीर्वाद के प्रतीक होते हैं। इन्हें अकेला छोड़ना शुभ नहीं माना जाता, इसलिए उनकी देखभाल जरूरी है।
चौकी को कभी खाली न छोड़ना भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इससे यह भाव व्यक्त होता है कि भक्त हर पल देवी की आराधना में लीन है।