नौतपा का कहर शुरू :इन चीजों से बढ़ सकता है शरीर का तापमान! जानें क्या खाएं और क्या नहीं...

नौतपा की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। हालांकि प्री- मानसून की 25 मई से आने की संवाभना थी लेकिन अब भी नहीं पहुंचा है। दूसरी ओर तेज धूप और लू का सीधा असर लोगों की हेल्थ पर भी पड़ रहा है। इस स्थिति में शरीर पहले से ही थका रहता है, ऐसे में गलत खानपान स्थिति को और बिगाड़ सकता है। कुछ खाद्य पदार्थ शरीर का तापमान बढ़ाकर डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
नौतपा में ये चीजें बिल्कुल न खाएं
तली-भुनी और मसालेदार चीजों से बढ़ता है शरीर का तापमान
विशेषज्ञों के मुताबिक, बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज जैसी तली-भुनी चीजें पचाने में शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे अंदरूनी गर्मी बढ़ जाती है। ज्यादा मिर्च-मसाले वाला खाना भी शरीर का तापमान बढ़ा सकता है। इसके अलावा रेड मीट भी इस मौसम में भारी पड़ता है क्योंकि इसे पचाने में अधिक ऊर्जा खर्च होती है।
मीठे ड्रिंक्स और कैफीन से बढ़ सकता है डिहाइड्रेशन
गर्मी में कोल्ड ड्रिंक और सोडा पीना राहत देता है, लेकिन इनमें मौजूद ज्यादा शुगर शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती है। इसी तरह चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट कर देता है, जिससे थकान और कमजोरी बढ़ सकती है।
पैकेज्ड स्नैक्स और बासी खाना भी नुकसानदायक
चिप्स, नमकीन जैसे पैकेज्ड स्नैक्स में अधिक सोडियम होता है, जो शरीर का फ्लूइड बैलेंस बिगाड़ सकता है। बासी या खुले में रखा भोजन गर्मी में जल्दी खराब हो जाता है, जिससे फूड पॉइजनिंग, दस्त और टाइफाइड का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा ज्यादा बर्फ वाली चीजें और शराब भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
क्या खाएं-
शरीर को ठंडा रखने वाले विकल्प
नौतपा में शरीर को हाइड्रेट और ठंडा रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए नारियल पानी, छाछ, लस्सी, सत्तू, बेल का शरबत और ताजे फल बेहद फायदेमंद हैं। दिनभर पर्याप्त पानी पीना चाहिए और खाली पेट बाहर निकलने से बचना चाहिए।
नौतपा पर शरीर का क्या असर पड़ता है?
नौतपा की तेज गर्मी शरीर पर सीधा असर डालती है। इस दौरान बाहरी तापमान बहुत बढ़ जाता है, जिससे शरीर का तापमान भी बढ़ने लगता है। ऐसे में शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है, लेकिन इससे शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स कम होने लगते हैं।।जब पानी की कमी होती है तो डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसका असर शरीर की ऊर्जा, कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द और थकान के रूप में दिखता है। साथ ही शरीर के जरूरी फंक्शन भी धीमे पड़ सकते हैं, जिससे काम करने की क्षमता और सहनशक्ति दोनों कम हो जाती हैं।











