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दतिया उपचुनाव: बवाल के बाद,27 भाजपा नेताओं समेत 200 अज्ञात पर एफआईआर

पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से भड़का विवाद, 11 घंटे हाईवे जाम; पथराव, आंसू गैस और वाटर कैनन के बीच कई घायल
 बवाल के बाद,27 भाजपा नेताओं समेत 200 अज्ञात पर एफआईआर
पथराव के समय पुलिस बल

दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी चयन को लेकर शुरू हुआ विरोध शनिवार को हिंसक संघर्ष में बदल गया। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार शाम से राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (एनएच-44) पर चक्का जाम कर दिया। करीब 11 घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान हजारों समर्थक हाईवे पर डटे रहे, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और आसपास के जिलों तक यातायात प्रभावित हुआ। हालात तब बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ उनकी झड़प हो गई।

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पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने एसपी, कलेक्टर और पुलिस बल पर पथराव किया। स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस ने पहले समझाइश दी, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा गया। दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पथराव की शुरुआत पुलिस की ओर से हुई, जिसके बाद माहौल हिंसक हो गया। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगा रहे हैं।

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हिंसा में पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल, एसडीओपी पूनमचंद यादव, इंदरगढ़ थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह राजपूत सहित आठ से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने भी अपने ऊपर पथराव होने की पुष्टि की है। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि जिला महामंत्री भूरे चौधरी, किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष सुमित यादव, राजीव सेन और कुछ महिला कार्यकर्ता भी इस झड़प में घायल हुए हैं।

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पुलिस का आरोप है कि उपद्रवियों ने सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की और कुछ वाहनों को पलट दिया। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान उनके निजी वाहनों को नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

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27 नामजद नेताओं सहित 200 अज्ञात पर केस

हिंसा के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में 27 नामजद भाजपा नेताओं और 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। नामजद आरोपियों में जिला महामंत्री भूरे चौधरी, पार्षद अक्कू दुबे, बृजेश दुबे, अनूप यादव, जिला मंत्री भानु ठाकुर, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष राजू गुगोरिया, जनपद उपाध्यक्ष प्रशांत डांगी, जनपद सदस्य लला रजक, भाजयुमो जिलाध्यक्ष मान सिंह कुशवाहा, विजय झंडा गुरु, आकाश भार्गव, लवकुश गुर्जर और किसान नेता सुनील दुबे सहित अन्य नेता शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि कई को नजरबंद किया गया है।

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भाजपा में नाराजगी बरकरार

घटना के बाद भाजपा नेतृत्व ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को साथ लेकर आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं और संगठन में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है। हालांकि पार्टी के भीतर असंतोष पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक संगठन के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी विवाद को जल्द समाप्त कर चुनावी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने के पक्ष में हैं, लेकिन बड़ी संख्या में कार्यकर्ता टिकट वितरण को लेकर अब भी नाराज हैं। ऐसे में उपचुनाव से पहले दतिया भाजपा में जारी अंदरूनी खींचतान पार्टी के लिए चुनौती बनी हुई है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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