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शिवसेना ने भाजपा पर साधा निशाना, लगाया इतिहास मिटाने का आरोप, कहा- ‘नया शिवाजी’ बनाने की कोशिश 

नागपुर हिंसा को लेकर शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ ने भाजपा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा गया है कि भाजपा के पेट में नया शिवाजी पल रहा है। इसी वजह से वे छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

शिवसेना ने भाजपा सांसद प्रदीप पुरोहित के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘हमारे शिवाजी मोदी हैं। मोदी पिछले जन्म में छत्रपति शिवाजी थे।’ ऐसा करते हुए सामना ने लिखा- अब भाजपा ने नए शिवाजी को जन्म दिया है और इसके लिए मूल शिवाजी को खत्म करने की योजना बनाई है। साथ ही अगर छत्रपति शिवाजी महाराज को खत्म करना है तो पहले औरंगजेब की कब्र को ध्वस्त करना होगा, जिससे इतिहास अपने आप नष्ट हो जाएगा।\

फडणवीस पर साधा निशाना

सामना ने नागपुर हिंसा को लेकर देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। उन्होंने लेख में कहा कि नागपुर का 300 साल पुराना इतिहास है और वहां कभी दंगे नहीं हुए, लेकिन अब शहर को हिंसा की आग में झोंक दिया गया है। सामना ने मुख्यमंत्री फडणवीस से सवाल किया कि जब वे खुद होम मिनिस्ट्री संभाल रहे हैं, तो फिर दंगाइयों को शहर में घुसने और आगजनी करने की अनुमति कैसे मिली? सामना ने तंज कसते हुए लिखा कि फडणवीस सिर्फ भाषण देने में व्यस्त हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे। अगर दंगाई बाहरी थे, तो गृह विभाग और सुरक्षा एजेंसियां क्या कर रही थीं?

शिवसेना (UBT) का BJP पर हमला

सामना ने भाजपा और संघ परिवार पर भी आरोप लगाया कि वे जानबूझकर महाराष्ट्र का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि ‘महाराष्ट्र में औरंगजेब का महिमामंडन कोई नहीं करेगा। यहां केवल छत्रपति शिवाजी महाराज की ही जय-जयकार होगी। ‘छावा’ फिल्म के प्रदर्शन के बाद से संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे संगठनों और भाजपा के हिंदुत्ववादी तत्वों ने औरंगजेब की कब्र के खिलाफ राजनीतिक रूप से आक्रामक रुख अपनाया, जिससे महाराष्ट्र का माहौल खराब हो गया।

केंद्र सरकार को भी दी चुनौती

सामना ने केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार को भी चुनौती दी और लिखा कि केंद्र में मोदी और महाराष्ट्र में फडणवीस हैं। दोनों भाजपा के हैं। इसलिए खुद मोदी, फडणवीस, मोहन भागवत, एकनाथ शिंदे और अजीत पवार को सरकारी आदेश के तहत औरंगजेब की कब्र खोदनी चाहिए। इससे महाराष्ट्र में दंगे रुकेंगे और उन्मादियों के दिमाग शांत होंगे।

नागपुर में हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण

नागपुर में औरंगजेब का पुतला जलाने के बाद भड़की हिंसा को काबू करने के लिए पुलिस ने 11 इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है। सोमवार शाम को हुई हिंसा में 33 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें तीन DCP शामिल हैं। पांच आम लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें से एक ICU में भर्ती है। दंगाइयों ने 12 बाइक, कई कारें और एक JCB को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने दंगे में शामिल 50 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वहां जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।

नागपुर हिंसा पर ठाकरे परिवार का भाजपा पर हमला

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर पार्टी को औरंगजेब की कब्र हटानी है, तो वह खुद ऐसा कर सकती है, क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों में उसकी ही सरकार है। उन्होंने नागपुर हिंसा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आरएसएस मुख्यालय वहीं है, तो सरकार बताए कि हिंसा के पीछे कौन है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार विफल हो गई है, तो उसे इस्तीफा दे देना चाहिए।

आदित्य ठाकरे ने भी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी महाराष्ट्र को मणिपुर बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भाजपा सत्ता में नहीं होती, तो दंगे और हिंसा भड़काती है।

विश्व हिंदू परिषद के प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा

सोमवार को नागपुर में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने प्रदर्शन के दौरान औरंगजेब की प्रतीकात्मक कब्र जलाई। इस घटना का वीडियो वायरल होते ही शहर में हिंसा भड़क उठी। उपद्रवियों ने घरों और वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की।

हिंसा के दौरान पुलिस पर भी हमला हुआ, जिसमें डीसीपी निकेतन कदम कुल्हाड़ी के वार से घायल हो गए। हालात काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस छोड़नी पड़ी। रातभर कई इलाकों में झड़पें जारी रहीं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस घटना के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है, और भाजपा-शिवसेना (UBT) के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं ।

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