Naresh Bhagoria
28 Nov 2025
Shivani Gupta
28 Nov 2025
Mithilesh Yadav
28 Nov 2025
नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली की रॉउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला शनिवार को तीसरी बार टल गया है। यह केस मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई की है। अदालत ने कहा कि, चार्जशीट और केस फाइलों की दोबारा जांच जरूरी है। अब अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
इस मामले में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। प्रमुख आरोपी सोनिया गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष, सांसद राहुल गांधी, दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन कंपनी (YI) हैं। ईडी का आरोप है कि, इन नेताओं ने साजिश के तहत AJL की संपत्तियों पर कब्जा किया।
प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि, सोनिया-राहुल और अन्य आरोपियों ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की लगभग 2,000 करोड़ रुपए की संपत्ति हड़पने की साजिश रची। AJL ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार प्रकाशित करती है। आरोप है कि गांधी परिवार के पास यंग इंडियन कंपनी में 76% शेयर थे। इस कंपनी के जरिए AJL का अधिग्रहण किया गया। 90 करोड़ रुपए के कर्ज का उपयोग धोखाधड़ी के रूप में किया गया। ED ने अप्रैल 2025 में ₹661 करोड़ की संपत्तियों को कब्जे में लेने के लिए नोटिस जारी किया। नवंबर 2023 में AJL के 90.2 करोड़ रुपए के शेयरों को कुर्क किया गया।
जून 2022 में राहुल गांधी से पांच दिनों में 50 घंटे लंबी पूछताछ हुई। जुलाई 2022 में सोनिया गांधी से तीन दिनों में 12 घंटे सवाल किए गए। इस दौरान उनसे 100 से अधिक सवाल पूछे गए। इस केस में ED लगातार संपत्तियों पर नियंत्रण रखने और लेन-देन की जांच कर रही है।
1938: जवाहरलाल नेहरू द्वारा नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत।
2008-2010: AJL आर्थिक संकट में, कांग्रेस ने आर्थिक मदद दी।
2010: यंग इंडियन कंपनी बनाई गई, AJL का अधिग्रहण किया गया।
2012: BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में शिकायत दर्ज की।
2014: अदालत ने सोनिया-राहुल समेत छह लोगों को समन भेजा।
2015-2020: मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चला।
2022: ED द्वारा पूछताछ शुरू, गांधी परिवार पेश हुआ।
2023-2024: ED ने संपत्तियां कुर्क करना शुरू किया।
अप्रैल 2025: ₹661 करोड़ की संपत्ति पर कब्जे का नोटिस जारी।
सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि, कांग्रेस नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए यंग इंडियन लिमिटेड का गठन किया। इसके जरिए AJL का अधिग्रहण किया गया और बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस (लगभग 2,000 करोड़ रुपए की संपत्ति) पर कब्जा किया गया। स्वामी का आरोप था कि, संपत्ति को केवल 50 लाख रुपए में अधिग्रहित किया गया।
16 दिसंबर को कोर्ट यह तय करेगा कि ED की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं। यह फैसला नेशनल हेराल्ड केस में अगले कानूनी पड़ाव को तय करेगा और आगे की कार्रवाई का मार्ग निर्धारित करेगा।