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नेशनल हेराल्ड केस :ED की चार्जशीट पर आने वाला फैसला तीसरी बार टला, 16 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला तीसरी बार टल गया। कोर्ट को तय करना है कि ED की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं। आरोपियों में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे समेत कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शामिल हैं। अब फैसला 16 दिसंबर को सुनाया जाएगा।
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ED की चार्जशीट पर आने वाला फैसला तीसरी बार टला, 16 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली की रॉउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला शनिवार को तीसरी बार टल गया है। यह केस मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई की है। अदालत ने कहा कि, चार्जशीट और केस फाइलों की दोबारा जांच जरूरी है। अब अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।

    मुकदमे में कौन हैं आरोपी?

    इस मामले में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। प्रमुख आरोपी सोनिया गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष, सांसद राहुल गांधी, दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन कंपनी (YI) हैं। ईडी का आरोप है कि, इन नेताओं ने साजिश के तहत AJL की संपत्तियों पर कब्जा किया।

    क्या हैं आरोप?

    प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि, सोनिया-राहुल और अन्य आरोपियों ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की लगभग 2,000 करोड़ रुपए की संपत्ति हड़पने की साजिश रची। AJL ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार प्रकाशित करती है। आरोप है कि गांधी परिवार के पास यंग इंडियन कंपनी में 76% शेयर थे। इस कंपनी के जरिए AJL का अधिग्रहण किया गया। 90 करोड़ रुपए के कर्ज का उपयोग धोखाधड़ी के रूप में किया गया। ED ने अप्रैल 2025 में ₹661 करोड़ की संपत्तियों को कब्जे में लेने के लिए नोटिस जारी किया। नवंबर 2023 में AJL के 90.2 करोड़ रुपए के शेयरों को कुर्क किया गया।

    कब-कब हुई पूछताछ

    जून 2022 में राहुल गांधी से पांच दिनों में 50 घंटे लंबी पूछताछ हुई। जुलाई 2022 में सोनिया गांधी से तीन दिनों में 12 घंटे सवाल किए गए। इस दौरान उनसे 100 से अधिक सवाल पूछे गए। इस केस में ED लगातार संपत्तियों पर नियंत्रण रखने और लेन-देन की जांच कर रही है।

    नेशनल हेराल्ड केस का टाइमलाइन

    1938: जवाहरलाल नेहरू द्वारा नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत।

    2008-2010: AJL आर्थिक संकट में, कांग्रेस ने आर्थिक मदद दी।

    2010: यंग इंडियन कंपनी बनाई गई, AJL का अधिग्रहण किया गया।

    2012: BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में शिकायत दर्ज की।

    2014: अदालत ने सोनिया-राहुल समेत छह लोगों को समन भेजा।

    2015-2020: मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चला।

    2022: ED द्वारा पूछताछ शुरू, गांधी परिवार पेश हुआ।

    2023-2024: ED ने संपत्तियां कुर्क करना शुरू किया।

    अप्रैल 2025: ₹661 करोड़ की संपत्ति पर कब्जे का नोटिस जारी।

    मुकदमे की पृष्ठभूमि

    सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि, कांग्रेस नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए यंग इंडियन लिमिटेड का गठन किया। इसके जरिए AJL का अधिग्रहण किया गया और बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस (लगभग 2,000 करोड़ रुपए की संपत्ति) पर कब्जा किया गया। स्वामी का आरोप था कि, संपत्ति को केवल 50 लाख रुपए में अधिग्रहित किया गया।

    16 दिसंबर को कोर्ट यह तय करेगा कि ED की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं। यह फैसला नेशनल हेराल्ड केस में अगले कानूनी पड़ाव को तय करेगा और आगे की कार्रवाई का मार्ग निर्धारित करेगा।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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