ACP विवेक भगत पर आरोपों के बाद फैसला! जांच पूरी होने तक नहीं संभालेंगे एडिशनल DCP का चार्ज

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर महिला पत्रकार से कथित बदसलूकी के आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत को एडिशनल DCP का चार्ज देने का फैसला फिलहाल रोक दिया गया है। दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि भगत जांच पूरी होने तक इस पद की जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे। सरकार के अनुसार, करेंट ड्यूटी चार्ज की प्रक्रिया विवाद सामने आने से पहले शुरू हुई थी। भगत ने खुद भी जांच पूरी होने तक अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं लेने की इच्छा जताई है। इसके बाद पहले जारी आदेश में बदलाव किया गया। मामले में सामने आई शिकायतों की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी।
आरोपों के बीच रुका एडिशनल DCP का चार्ज
ACP विवेक भगत को एडिशनल DCP का करेंट ड्यूटी चार्ज देने की प्रक्रिया 25 अगस्त को शुरू हुई थी। दिल्ली सरकार के अनुसार, यह प्रक्रिया जंतर-मंतर की घटना और उससे जुड़े विवाद से पहले शुरू की गई थी। 5 अक्टूबर को मंजूरी मिलने के बाद आदेश जारी किया गया था। बाद में महिला पत्रकार से जुड़े आरोप सामने आने के बाद भगत का चार्ज रोक दिया गया।
सरकार ने कहा- यह प्रमोशन नहीं है
दिल्ली सरकार ने बताया कि करेंट ड्यूटी चार्ज यानी CDC किसी अधिकारी की नियमित पदोन्नति नहीं होता। यह जरूरत के हिसाब से दी जाने वाली अस्थायी जिम्मेदारी है। इससे अधिकारी की सैलरी, वरिष्ठता या दूसरे नियमित सेवा लाभों में कोई बदलाव नहीं होता। CDC पाने वाला अधिकारी उस पद पर नियमित अधिकारी के सभी कानूनी अधिकार भी इस्तेमाल नहीं कर सकता।
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तीन महिला पत्रकारों ने लगाए आरोप
3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था। इसी दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए। एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि ACP विवेक भगत ने उनके सीने पर हाथ मारा। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच चल रही है और किसी तरह का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
FIR और CCTV फुटेज की मांग
घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि शिकायत पर FIR दर्ज हो और मौके के CCTV फुटेज की जांच की जाए। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद CCTV फुटेज मांगी थी लेकिन उन्हें बाद में आने को कहा गया। पुलिस ने शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच भेज दिया है।
जुलाई की शिकायत का भी दावा
एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि ACP विवेक भगत के खिलाफ जुलाई में भी इसी तरह की शिकायत सामने आई थी। उसका आरोप है कि उस शिकायत पर उचित जांच नहीं हुई। हालांकि, इस दावे की भी आधिकारिक जांच और पुष्टि बाकी है। मौजूदा मामले में पुलिस ने तीनों महिला पत्रकारों की शिकायतें क्राइम ब्रांच को सौंप दी हैं।
SIR को लेकर भी बढ़ा राजनीतिक विवाद
जंतर-मंतर का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए थे। इसी मुद्दे पर विपक्षी दलों और कई संगठनों की ओर से विरोध जारी है। चुनाव आयोग के फैसलों और SIR की प्रक्रिया को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने का ऐलान
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर से लोग दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की बात कही है। इस ऐलान के बाद आने वाले दिनों में दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है।




















