मालवीय नगर होटल अग्निकांड :कुक गिरफ्तार... एक गलती ने ले ली 21 जानें? जांच में चौंकाने वाले खुलासे

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में बड़ा मोड़ आया है। 21 लोगों की जान लेने वाली इस दर्दनाक घटना के मामले में दिल्ली पुलिस ने होटल के कुक केशव नेगी को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि, आग फैलने के पीछे उसकी गंभीर लापरवाही एक बड़ी वजह हो सकती है।
पुलिस का दावा है कि, किचन में आग लगने के बाद हालात संभालने के बजाय उठाए गए कुछ गलत कदमों ने पूरे होटल को मौत के जाल में बदल दिया। मामले में होटल मालिक समेत कई अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
क्या हुआ था 3 जून की सुबह?
3 जून की सुबह करीब 8:30 बजे मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और ऊपर की कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना इतनी भयावह थी कि, होटल में ठहरे कई लोग बाहर निकलने का मौका ही नहीं पा सके।
हादसे का आंकड़ा
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विवरण |
संख्या |
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कुल मौतें |
21 |
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घायल |
28 |
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सुरक्षित निकाले गए लोग |
47 |
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अस्पताल में भर्ती मरीज |
15 |
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विदेशी नागरिकों की मौत |
11 |
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भारतीय नागरिकों की मौत |
10 |
पुलिस ने कुक को क्यों किया गिरफ्तार?
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आग लगने के शुरुआती क्षणों में किचन में मौजूद कुक केशव नेगी ने इलेक्ट्रिक चूल्हे में आग लगने के बाद मुख्य बिजली स्विच बंद कर दिया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इसी फैसले ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया। मुख्य बिजली सप्लाई बंद होने के कारण होटल के इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया और कई कमरे अंदर से बंद हो गए। इससे कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके।
जानकारी के अनुसार, एक पति-पत्नी की मौत बाथरूम में फंस जाने के कारण हुई। जांच में यह भी सामने आया है कि, कई अन्य लोग भी बंद दरवाजों की वजह से बाहर निकलने में असफल रहे।
हादसे के बाद होटल छोड़कर भाग गया था कुक
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि, आग लगने के बाद केशव नेगी मौके से निकल गया था। हालांकि घटना के तुरंत बाद दिए गए अपने बयान में उसने दावा किया था कि जैसे ही उसने इलेक्ट्रिक चूल्हा चालू किया, जोरदार आवाज हुई और देखते ही देखते आग फैल गई। उसने कहा था कि, वह किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकला। अब पुलिस उसके बयान और तकनीकी जांच रिपोर्ट का मिलान कर रही है।
जांच में मिले सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन
दिल्ली पुलिस और फॉरेंसिक टीम की शुरुआती जांच में होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। अधिकारियों को जांच के दौरान अग्नि सुरक्षा से जुड़ी कई कमियां मिली हैं।
जांच में सामने आए प्रमुख बिंदु
- फायर सेफ्टी सिस्टम में गंभीर खामियां।
- आपातकालीन निकास व्यवस्था पर्याप्त नहीं।
- सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया।
- होटल में निर्धारित क्षमता से अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे।
- इलेक्ट्रिकल सिस्टम की स्थिति संदिग्ध मिली।
होटल मालिक भी गिरफ्तार
इस मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अदालत ने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि होटल में सुरक्षा नियमों की अनदेखी किस स्तर तक की गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि, होटल को सीमित कमरों के संचालन की अनुमति थी, लेकिन उससे कहीं अधिक कमरे चलाए जा रहे थे।
अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार?
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आरोपी |
स्थिति |
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लवकेश बजाज (होटल मालिक) |
गिरफ्तार |
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स्वीटी सरकार |
गिरफ्तार |
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पुष्पो सरकार |
गिरफ्तार |
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केशव नेगी (कुक) |
गिरफ्तार |
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अन्य संदिग्ध |
पूछताछ जारी |
क्या थी आग लगने की वजह?
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग की प्रमुख वजह माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, होटल के अंदर वायरिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी के संकेत मिले हैं। होटल के बेसमेंट और ऊपरी मंजिल पर बने दोनों किचन में एलपीजी सिलेंडर मौजूद थे, लेकिन जांच में किसी सिलेंडर विस्फोट का प्रमाण नहीं मिला। इससे साफ हुआ कि, आग गैस सिलेंडर फटने से नहीं बल्कि इलेक्ट्रिकल सिस्टम में आई खराबी के बाद फैली।
विदेशी नागरिक भी बने हादसे का शिकार
इस दर्दनाक अग्निकांड में भारतीय नागरिकों के साथ-साथ कई विदेशी नागरिक भी जान गंवा बैठे। मृतकों में बांग्लादेश, लाइबेरिया, नाइजीरिया और मोजाम्बिक के नागरिक शामिल हैं। हादसे के बाद दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों को भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कई घायल अब भी निगरानी में हैं। राहत की बात यह है कि, वेंटिलेटर पर भर्ती मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।











