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POK में चुनाव की तैयारी पर भड़का भारत,पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी

गिलगित-बाल्तिस्तान में विधानसभा चुनाव कराने की पाकिस्तान की योजना पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान का कब्जा अवैध है। भारत ने मानवाधिकार उल्लंघन, राजनीतिक दमन और आर्थिक शोषण के मुद्दे भी उठाए हैं।
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पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी
भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा

पाकिस्तान एक बार फिर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में अपनी पकड़ मजबूत दिखाने की कोशिश में जुटा है। इस बार उसने गिलगित-बाल्तिस्तान में विधानसभा चुनाव कराने का ऐलान किया है। हालांकि भारत ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए साफ कर दिया है कि ऐसे चुनाव या प्रशासनिक गतिविधियां उस सच्चाई को नहीं बदल सकतीं कि यह इलाका भारत का हिस्सा है और उस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है। भारत सरकार ने पाकिस्तान के इस फैसले के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि गिलगित-बाल्तिस्तान समेत पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है। ऐसे में पाकिस्तान द्वारा वहां चुनाव कराना न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत संदेश देने की कोशिश भी है।

गिलगित-बाल्तिस्तान में चुनाव को लेकर भारत की सख्त आपत्ति

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान सात जून को तथाकथित गिलगित-बाल्तिस्तान विधानसभा के लिए चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। भारत ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए पाकिस्तान को संदेश दिया है कि वह भारतीय क्षेत्रों में किसी भी तरह की राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का अधिकार नहीं रखता। मंत्रालय ने दोहराया कि वर्ष 1947 में जम्मू-कश्मीर के भारत में कानूनी और पूर्ण विलय के बाद यह पूरा क्षेत्र भारत का हिस्सा बन चुका है। इसलिए पाकिस्तान द्वारा वहां कराए जाने वाले चुनावों को भारत किसी भी रूप में मान्यता नहीं देता।

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अवैध कब्जे को वैध दिखाने की कोशिश

भारत का कहना है कि पाकिस्तान लंबे समय से गिलगित-बाल्तिस्तान और पीओके में अलग-अलग राजनीतिक और प्रशासनिक कदम उठाकर अपने कब्जे को वैध दिखाने की कोशिश करता रहा है। लेकिन चुनाव कराने या स्थानीय संस्थाओं का गठन करने से वास्तविक स्थिति नहीं बदलती। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान के ये कदम केवल दिखावटी हैं और इनका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान मूल मुद्दों से हटाना है। भारत ने कहा कि ऐसे प्रयासों से यह तथ्य नहीं छिपाया जा सकता कि पाकिस्तान भारतीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किए बैठा है।

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मानवाधिकारों के मुद्दे पर भी घेरा

भारत ने केवल चुनावी प्रक्रिया पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि गिलगित-बाल्तिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले अन्य क्षेत्रों में मानवाधिकारों की स्थिति को भी गंभीर चिंता का विषय बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन इलाकों में लोगों की स्वतंत्रता सीमित की जा रही है। राजनीतिक विरोध को दबाया जाता है और स्थानीय लोगों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जाता है। भारत ने आरोप लगाया कि वहां राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। भारत का कहना है कि पाकिस्तान चुनाव जैसे आयोजनों के जरिए इन समस्याओं को छिपाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वास्तविक स्थिति दुनिया से छिपी नहीं है।

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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर भारत का स्पष्ट रुख

भारत ने एक बार फिर अपने पुराने और स्पष्ट रुख को दोहराया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। इसमें गिलगित-बाल्तिस्तान भी शामिल है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा कब्जे वाले क्षेत्रों में किसी भी तरह का प्रशासनिक बदलाव या राजनीतिक गतिविधि भारत के अधिकारों को प्रभावित नहीं कर सकती। भारत ऐसे सभी प्रयासों को पूरी तरह खारिज करता है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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