इस सनसनीखेज घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया, नर्मदापुरम में एक मां ने ममता को शर्मसार करते हुए अपनी ही मासूम बच्ची को ट्रेन के सामने धक्का दे दिया, जिसके बाद 13 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया।
जीआरपी थाना प्रभारी संजय चौकसे के अनुसार, 17 मार्च की रात करीब 8 बजे नर्मदापुरम निवासी अंजू राजपूत अपनी 8 वर्षीय बेटी युविका को लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची थी। काफी देर तक प्लेटफॉर्म पर घूमने के बाद उसने मौका देखकर बच्ची को तमिलनाडु एक्सप्रेस के सामने धक्का दे दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।
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घटना के तुरंत बाद घायल बच्ची को नर्मदापुरम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी रही। बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया, जहां सर्जरी के बाद लगातार उसका इलाज चलता रहा, लेकिन 13 दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष करने के बाद आखिरकार बच्ची ने दम तोड़ दिया।
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पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला के पति की कुछ समय पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जिसके बाद उसे कृषि विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह दूसरी शादी करना चाहती थी और बच्ची को बोझ समझने लगी थी। पुलिस के अनुसार, वह पहले भी कई बार बच्ची को रेलवे स्टेशन ले गई थी, लेकिन वारदात को अंजाम नहीं दे पाई थी।