Bhopal Crime :भोपाल में संगीतकार ने किया सुसाइड, लिखा- 'मैं तुम्हें प्यार करता हूं, लेकिन तुमने मुझे फंसा दिया।'

भोपाल के  संगीतकार विवेक तिवारी ने मंगलवार-बुधवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विवेक पर नाबालिग मंगेतर ने दुष्कर्म का आरोप था। विवेक ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा जिसमें उसे झूठे मामले में फंसाए जाने की बात लिखी।
भोपाल में संगीतकार ने किया सुसाइड, लिखा- 'मैं तुम्हें प्यार करता हूं, लेकिन तुमने मुझे फंसा दिया।'
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। शहर के एक संगीतकार विवेक तिवारी (24) ने मंगलवार की रात  अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से वे एक कानूनी विवाद और निजी तनाव से गुजर रहे थे। विवेक दुष्कर्म के मामले में 6 महीने से जेल में था और 20 पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था।

    प्रेम संबंध विवाद की वजह 

    मिली जानकारी के अनुसार विवेक का एक नाबालिग लड़की से प्रेम संबंध था और दोनों ने उसके बालिग होने के बाद शादी करने का फैसला किया था। इसी बीच लड़की ने विवेक के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए बिलखिरिया थाने में मामला दर्ज करा दिया। यह केस अदालत में विचाराधीन था। अगली सुनवाई 23 मार्च को थी। इसी बीच विवेक ने जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मर्ग कायमी और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    सुसाइड नोट में लिखी प्यार की बात 

    पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें विवेक ने अपनी मन की बात लिखी है। नोट में उसने मंगेतर के प्रति अपने प्रेम का जिक्र करते हुए लिखा, 'मैं तुम्हें प्यार करता हूं, लेकिन तुमने मुझे फंसा दिया।' पुलिस ने इस सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और इसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

    म्यूजिक में बन रही थी पहचान 

    विवेक तिवारी को बालश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। हारमोनियम वादन में उसकी विशेष पकड़ थी और वे देश के कई राज्यों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुका था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आत्महत्या के कारणों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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