बिजली कंपनियां :सामान्य कंज्यूमर पर गिराते हैं गाज, 16 सरकारी विभागों से नहीं वसूल पाए 2,123 करोड़

अशोक गौतम, भोपाल। सामान्य उपभोक्ता ने अपने घर का एक माह का बिजली बिल जमा नहीं किया तो उसका कनेक्शन काट दिया जाता है, वहीं बिजली कंपनियों को प्रदेश के सरकारी 16 विभागों पर पर वर्षों से बकाया 2,123.9 करोड़ रुपए वसूलने में पसीना आ रहा है। सबसे अधिक बकाया पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर है, जबकि नगरीय विकास एवं आवास विभाग दूसरे स्थान पर है।
...तो घाटे की खाई पाट सकती हैं बिजली कंपनियां
तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के आंकड़े बताते हैं कि लगभग 2.98 लाख सरकारी बिजली कनेक्शनों पर बकाया राशि वसूल कर ली जाए तो बिजली कंपनियां अपने घाटे की खाई पाट सकती है। प्रदेश के सरकारी विभागों द्वारा बिजली बिलों का समय पर भुगतान नहीं किए जाने से बिजली वितरण कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ता जा रहा है। कंपनियां बार-बार बकायादारों को नोटिस थमा रहीं हैं।

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जानकारों का कहना है
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि सरकारी विभाग समय पर भुगतान करें तो वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। वर्तमान में बिजली कंपनियां उत्पादन कंपनियों और अन्य एजेंसियों को भुगतान करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रबंधन करने को मजबूर हैं।
क्षेत्रवार कंपनियों को वसूलना है
क्षेत्र कनेक्शन बकाया
पूर्व 1,30,347 687.1
मध्य 69,893 616.4
पश्चिम 98,013 820.4
(राशि करोड़ रुपए में)
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आंकड़ों में पूरी तस्वीर
- कुल सरकारी कनेक्शन - 2,98,253
- कुल बकाया राशि - 2,123.9 करोड़
- सबसे अधिक क्षेत्रीय बकाया : पश्चिम क्षेत्र (820.4 करोड़ रु.)
- 100 करोड़ से अधिक बकाया वाले विभाग - 3
- शीर्ष तीन विभागों पर कुल बकाया - 1674.3 करोड़ रुपए (कुल का लगभग 79 प्रतिशत)
सभी विभागों को निर्देश दिए हैं
विभागों की की समीक्षा बैठक में बिजली बिलों के भुगतान के लिए सभी बकायादार विभागों को कहा गया है। पंचायत और नगरीय विकास विभाग में सबसे ज्यादा पानी सप्लाई को लेकर बकाया है। विभाग धीरे धीरे राशि का भुगतान कर भी रहे हैं।
नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग












