कुवैत पर ईरानी हमले से भड़के खाड़ी देश!GCC ने लगाई फटकार; ट्रंप बोले- हमला मेरा फैसला था

विशेषज्ञों के अनुसार ईरान को आशंका है कि खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल उसके खिलाफ किया जा सकता है। इसी वजह से तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि किसी देश की जमीन या सैन्य सुविधाओं का उपयोग ईरान पर हमले के लिए हुआ
GCC ने लगाई फटकार; ट्रंप बोले- हमला मेरा फैसला था

तेल अवीव/तेहरान। मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव अब खाड़ी देशों तक पहुंच गया है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने कुवैत और बहरीन पर हुए हमलों को लेकर ईरान की कड़ी आलोचना की है। GCC ने इन हमलों को कायराना करार देते हुए कहा कि इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को खतरा पैदा हो गया है।

GCC के महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने कहा कि ईरान की हालिया गतिविधियां खाड़ी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा के खिलाफ हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

क्यों किया गया हमला?

विशेषज्ञों के अनुसार ईरान को आशंका है कि खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल उसके खिलाफ किया जा सकता है। इसी वजह से तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि किसी देश की जमीन या सैन्य सुविधाओं का उपयोग ईरान पर हमले के लिए हुआ तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। जिससे आगे हालत और गंभीर हो सकते हैं।

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कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला

इसी बीच कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइल हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और 63 लोग घायल हुए। हमले के कारण एयरपोर्ट संचालन भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।

ट्रंप- मैंने बिना किसी दवाब के हमला किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ उठाए गए कदम उनका स्वयं का फैसला था। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि बेंजामिन नेतन्याहू ने उन पर किसी तरह का दबाव डाला था। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करने की शर्त मानने को तैयार है।

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लेबनान में लौटी शांति

तनाव के बीच एक सकारात्मक खबर भी सामने आई है। अमेरिका की मध्यस्थता के बाद इजराइल और लेबनान ने पहले से लागू युद्धविराम को प्रभावी तरीके से लागू करने पर सहमति जताई है। समझौते के तहत दक्षिणी लेबनान के कुछ इलाकों से हिजबुल्लाह की मौजूदगी कम करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

इसका क्या असर पड़ेगा?

खाड़ी देशों पर हमलों से पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ सकती है। तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के चलते वैश्विक बाजारों में भी चिंता बढ़ी है। वहीं, यदि अमेरिकी सैनिकों पर कोई बड़ा हमला होता है तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई तेज कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि ऐसी स्थिति में सीजफायर खत्म करने पर विचार किया जा सकता है।

फिलहाल दुनिया की नजरें ईरान, इजराइल, अमेरिका और खाड़ी देशों के अगले कदमों पर टिकी हैं। यदि तनाव कम नहीं हुआ तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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