Peoples Update Special :MPRDC बना रहा दो राजमार्गों के लिए 1,621 करोड़ का DPR आगर-सारंगपुर हाईवे बनेगा सिंहस्थ का फीडर रूट

मप्र सड़क विकास निगम (MPRDC) ने प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 1,621 करोड़ रुपए की दो बड़ी सड़क परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की है। इनमें 1,096.13 करोड़ रुपए की आगर-सारंगपुर हाईवे परियोजना और 525.27 करोड़ रुपए की राहतगढ़-खिमलासा सड़क परियोजना शामिल हैं।
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MPRDC बना रहा दो राजमार्गों के लिए 1,621 करोड़ का DPR  आगर-सारंगपुर हाईवे बनेगा सिंहस्थ का फीडर रूट
आगर-सारंगपुर हाईवे रूट।

पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को नई रफ्तार देने के लिए करीब 1,621 करोड़ रुपए की दो बड़ी सड़क परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की जा रही है। मप्र सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) 1,096.13 करोड़ के आगर-सारंगपुर राज्य राजमार्ग के उन्नयन और 525.27 करोड़ रुपए लागत की राहतगढ़-खिमलासा परियोजना का प्लान बना रहा है। दोनों परियोजनाओं को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर विकसित  किया जाएगा। 

आगर से सारंगपुर तक राज्य राजमार्ग-25 को आधुनिक दो लेन पेव्ड शोल्डर सड़क के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सड़क उन्नयन के साथ तीन प्रमुख बायपास और री-अलाइनमेंट का प्रस्ताव भी है। इसकी लंबाई 51 किमी से अधिक है। इससे मालवा क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और धार्मिक पर्यटन के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। यह परियोजना आगर-सारंगपुर हाईवे सिंहस्थ का फीडर रूट बनेगी।

परियोजना की मुख्य बातें

  • कानड़, मोहन बड़ोदिया और सारंगपुर में बायपास होगा।
  • नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर तक बेहतर पहुंच होगी।
  • सिंहस्थ-2028 के लिए महत्वपूर्ण फीडर मार्ग बनेगा।

क्षेत्रीय लोगों को यह होंगे फायदे

  • शहरों के भीतर ट्रैफिक और जाम कम होगा।
  • मालवा क्षेत्र के व्यापार और कृषि परिवहन को गति मिलेगी। 
  • यात्रा का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

क्यों जरूरी है उन्नयन

यह मार्ग वर्षों पहले इंटरमीडिएट लेन के रूप में बनाया गया था। अब यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सिंहस्थ-2028 और धार्मिक पर्यटन को देखते हुए इसे उच्च क्षमता वाले मार्ग में बदलने की आवश्यकता महसूस की गई है।

नलखेड़ा आने वालों को सुविधाएं जरूरी

वर्तमान में श्रद्धालुओं को नलखेड़ा मंदिर तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर सड़क बनती है तो मां बगलामुखी भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी। जिले का आवागवन भी सरल होगा।

रमेश शर्मा, पुजारी, नलखेड़ा मंदिर

बीना औद्योगिक क्षेत्र की लाइफलाइन बनेगा राहतगढ़-खिमलासा मार्ग

सागर जिले में राहतगढ़ से खुरई होते हुए खिमलासा तक 46.794 किमी लंबाई का राज्य राजमार्ग-62 को आधुनिक दो लेन पेव्ड शोल्डर सड़क के रूप में विकसित करने की तैयारी है। परियोजना का उद्देश्य बीना रिफाइनरी, थर्मल पावर प्लांट, रेलवे जंक्शन और आसपास के ग्रामीण अंचलों को तेज व सुरक्षित सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।

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राहतगढ़-खिमलासा रूट

परियोजना की खास बातें

  • राहतगढ़ से खिमलासा तक आधुनिक दो लेन सड़क
  • बीना रिफाइनरी और औद्योगिक क्षेत्र तक तेज पहुंच
  • ग्रामीणों को स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएं आसान होंगी। 

जनता को क्या मिलेगा

  • किसानों के लिए बीना मंडी तक पहुंच आसान होगी।
  • औद्योगिक इकाइयों तक माल परिवहन तेज होगा।
  • रोजगार के लिए आने-जाने वाले युवाओं को सुविधा मिलेगी।
  • भारी वाहनों और सामान्य यातायात का दबाव कम होगा।
  • दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी।

सड़क के साथ बीना रिफायनरी का काम तेज हो

हमारे यहां बीना रिफायनरी के कार्य में तीन साल बाद भी गति नहीं पकड़ी है। स्थानीय लोग रोजगार मिलने का इंतजार कर रहे हैं। जहां तक सड़क निर्माण की बात है तो यह एक अच्छी सुविधा होगी, लेकिन कब होगी? इसके लिए सरकार गंभीर रहे।

आशुतोष राजपूत, खिमलासा जिला सागर

मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजेंगे

सड़क विकास के जरिए उद्योग, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में करीब 1,621 करोड़ रुपए की दो बड़ी सड़क परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की जा रही है। जल्द ही मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजेंगे।

भरत यादव, एमडी, एमपीआरडीसी

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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