भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मार्च की शुरुआत में जहां प्रदेश में तेज गर्मी का असर दिखने लगा था। वहीं अब बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण कई जिलों में लगातार बारिश और आंधी का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय होने की वजह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है और कई जगहों पर ओले भी गिरे हैं। पिछले 24 से 72 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के 42 से ज्यादा जिलों के करीब 112 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा 21 जिलों में बारिश और 14 जिलों में ओलावृष्टि की खबर सामने आई है। इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी हिस्से में आज भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। 21 मार्च के लिए जिन जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वे हैं- टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर
इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक कुछ इलाकों में 74 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से प्रदेश के कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। भोपाल, विदिशा और रायसेन समेत करीब 26 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। यह वेदर सिस्टम 26 मार्च तक असर दिखा सकती है, हालांकि बाद में इसका असर कमजोर पड़ सकता है।
पिछले 24 घंटे में मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी मौसम परिवर्तन देखने को मिला। बारिश और ओलावृष्टि वाले प्रमुख जिले इस प्रकार हैं-
इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा और मंडला।
इनमें से कई जिलों में तेज आंधी के साथ ओले भी गिरे। सबसे ज्यादा बारिश धार जिले के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां लगभग पौन इंच तक पानी गिरा। इसके अलावा बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, नतेरन, आमला, बैतूल, भोपाल, दमोह और अमरवाड़ा में आधा इंच या उससे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई।
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ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के कई जिलों में फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। किसानों के मुताबिक खेतों में खड़ी गेहूं, चना और सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। कई इलाकों में खेतों में कटी हुई फसलें भी भीग गईं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। टीकमगढ़ और मोहनगढ़ क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ गिरे ओलों ने खेतों को पूरी तरह सफेद कर दिया। कई किसानों ने बताया कि उनकी मेहनत की पूरी फसल कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गई।
मौसम के इस बदले मिजाज के बीच एक हादसे की खबर भी सामने आई है। टीकमगढ़ जिले के जतारा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुहारा में शुक्रवार रात बिजली गिरने से एक महिला और उसका भतीजा झुलस गए। दोनों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में गंभीर हालत को देखते हुए भतीजे को झांसी रेफर किया गया है।
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छतरपुर में भी बारिश के दौरान एक हादसा होते-होते टल गया। शुक्रवार शाम तेज बारिश के दौरान बस स्टैंड क्षेत्र में नगर पालिका की पुरानी दुकानों का छज्जा अचानक गिर गया। इस घटना में दो लोगों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह घटना रात करीब 8 बजे हुई। छज्जा गिरने से दुकानों के सामने खड़ी कुछ गाड़ियां भी मलबे की चपेट में आ गईं।
ग्वालियर में मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया। बारिश के बाद सुबह घना कोहरा छा गया, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 16 घंटों में यहां करीब 9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
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बारिश और बादलों की वजह से प्रदेश के कई शहरों में तापमान में भारी गिरावट देखी गई है। कुछ शहरों में तो तापमान एक ही दिन में लगभग 10 डिग्री तक गिर गया।
प्रमुख शहरों का तापमान (20 मार्च 2026)
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शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
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भोपाल |
29.4°C |
14.3°C |
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ग्वालियर |
23.9°C |
15.2°C |
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दतिया |
25.4°C |
13.9°C |
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इंदौर |
30.2°C |
17.0°C |
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बैतूल |
30.5°C |
16.7°C |
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उज्जैन |
30.5°C |
15.0°C |
अन्य प्रमुख शहरों का तापमान
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शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
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जबलपुर |
29.7°C |
14.7°C |
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सतना |
26.3°C |
14.6°C |
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रीवा |
27.2°C |
13.8°C |
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खजुराहो |
27.4°C |
13.2°C |
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सागर |
30.1°C |
14.0°C |
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उमरिया |
29.0°C |
14.8°C |
सबसे ज्यादा 10.9 डिग्री की गिरावट खजुराहो में दर्ज की गई।
प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे चला गया है।
इनमें प्रमुख शहर हैं:
मौसम विभाग के अनुसार 21 मार्च तक प्रदेश में यह मौसम प्रणाली सक्रिय रहेगी। इसके बाद 22 मार्च को मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है और उस दिन आंधी, बारिश या ओले गिरने की संभावना कम है।
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, 22 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। हालांकि यह मौजूदा सिस्टम जितना मजबूत नहीं होगा, इसलिए मध्य प्रदेश में इसका असर सीमित रह सकता है। लेकिन 26 मार्च के आसपास एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिससे प्रदेश में फिर बारिश हो सकती है।
इस साल फरवरी महीने में भी मौसम का मिजाज कई बार बदला था। फरवरी में चार बार ओले, बारिश और आंधी का दौर देखने को मिला था, जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। मार्च के पहले पखवाड़े में गर्मी का असर बढ़ने लगा था, लेकिन अब फिर मौसम ने करवट ले ली है।