दिल्ली। राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में मौसम ने शनिवार को अचानक करवट ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार शुक्रवार को हुई भारी बारिश और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मार्च का यह सबसे ठंडा दिन पिछले छह वर्षों में दर्ज किया गया। सुबह 7:20 बजे तक, सफदरजंग वेधशाला में तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि नमी 100 प्रतिशत रही और मौसम धुंध भरा दिखाई दिया।
IMD ने शनिवार को दिल्ली-NCR के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन पिछले दिन की बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को असामान्य रूप से ठंडा बना दिया। पिछले दिन यानी शुक्रवार को दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में भारी बारिश हुई, जिसके कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने पहले येलो अलर्ट जारी किया था, जिसमें बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई थी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश के कारण तूफानी मौसम देखने को मिला। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के संयोजन ने पूरे उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित किया।
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार का दिन पिछले छह सालों में मार्च का सबसे ठंडा दिन रहा। इससे पहले 8 मार्च 2020 को दिल्ली में तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस तक गिरा था। इस बार तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को असामान्य ठंडक का अनुभव हुआ।
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बारिश और तेज हवाओं के कारण दिल्ली में हवा भी लगभग पांच महीनों में सबसे साफ रही। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) इस दौरान संतोषजनक श्रेणी में 93 दर्ज किया गया। पिछले 161 दिनों में यह पहला ऐसा दिन था, जब दिल्ली में AQI 100 से नीचे रहा। इससे पहले 9 अक्टूबर 2025 को एयर क्वालिटी 99 दर्ज की गई थी।
हाल ही में हुई बारिश के कारण मार्च महीने में अब तक सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले तीन सालों में यह मार्च का सबसे अधिक बारिश वाला महीना साबित हुआ है। इसके पहले मार्च 2023 में 50.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
मौसम विभाग ने बताया कि यह अचानक बदलाव सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा तथा दक्षिणी उत्तर प्रदेश में बने चक्रवाती हवाओं के कारण हुआ। इन सिस्टमों ने न केवल तापमान को घटाया, बल्कि धुंध और तेज हवाओं के कारण मौसम को असामान्य बना दिया। गुरुवार को मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, लेकिन बुधवार को अचानक मौसम में बदलाव आया और शाम को तेज हवाओं, हल्की बारिश और बिजली कड़कने जैसी घटनाएं दर्ज की गईं।
दिल्ली के अलावा, एनसीआर के गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद में भी हल्की बारिश और कोहरा देखा गया। बारिश और साफ हवा ने न केवल तापमान घटाया, बल्कि लोगों को ताजगी और राहत का अनुभव कराया। मौसम विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि आने वाले कुछ दिनों में भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रह सकता है। इसलिए खेतों और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।