भोपाल। मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना इस बार मौसम के उतार-चढ़ाव से भरा हुआ है। कभी तेज धूप, कभी ठंडी हवाएं और फिर अचानक बारिश प्रदेशवासियों ने हर रंग का मौसम देखा है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी मौसम में हल्का बदलाव दर्ज किया गया। कुछ जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा। अब एक बार फिर मौसम विभाग ने बारिश को लेकर बड़ा अपडेट दिया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बीते 24 घंटों में इंदौर और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश नेपानगर, सोहागपुर और नर्मदापुरम में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा उज्जैन में 24 मिमी बारिश हुई, जबकि श्योपुर में लगभग एक इंच तक पानी गिरा और 63 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। वहीं मंडला में अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक रहा।
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
यानी आज लोगों को बारिश से राहत मिलेगी, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है।
पिछली रात कुछ इलाकों में ठंड का असर दिखा।
पचमढ़ी और नर्मदापुरम: 10.2°C
राजगढ़: 11.0°C
शहडोल: 11.2°C
कटनी: 11.4°C
मंदसौर: 11.5°C
भोपाल: 14.6°C
इंदौर: 13.7°C
जबलपुर: 15.4°C
ग्वालियर: 15.0°C
उज्जैन: 16.0°C
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मध्य प्रदेश में फरवरी महीने में यह चौथी बार है जब बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) और उससे गुजर रही ट्रफ लाइन प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही है। इसके चलते पूर्वी मध्य प्रदेश के 8 जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
किन जिलों में अलर्ट
बाकी जिलों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन मौसम अधिकतर साफ रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पहले 22 फरवरी को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर की संभावना थी, लेकिन वह सिस्टम हिमालयी क्षेत्र की ओर आगे बढ़ गया। इसी बीच बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया एक्टिव हो गया। इससे प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में नमी बढ़ गई। यही कारण है कि फरवरी में बार-बार मौसम करवट बदल रहा है।
फरवरी महीने में अब तक प्रदेश में तीन बार बेमौसम बारिश हो चुकी है। कई इलाकों में ओले गिरने से रबी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। हालात को देखते हुए सरकार ने पहले ही प्रभावित क्षेत्रों में फसल सर्वे के निर्देश जारी कर दिए हैं। अब चौथी बार बारिश का अलर्ट सामने आने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां गेहूं, चना और सरसों की फसल तैयार खड़ी है और कटाई के करीब है।
बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आई है। रात में सर्दी से थोड़ी राहत मिली है, पचमढ़ी में रात का तापमान सबसे कम दर्ज किया गया। कुल मिलाकर मौसम न ज्यादा ठंडा है, न ज्यादा गर्म लेकिन अस्थिर जरूर है।
|
शहर |
अधिकतम (°C) |
न्यूनतम (°C) |
|
भोपाल |
32.2 |
14.4 |
|
इंदौर |
32.2 |
12.6 |
|
ग्वालियर |
29.9 |
14.5 |
|
जबलपुर |
31.7 |
15.9 |
|
उज्जैन |
31.5 |
14.0 |
|
मंडला |
33.0 |
15.2 |
|
पचमढ़ी |
26.8 |
11.2 |
मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक, 23 फरवरी तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश की संभावना ज्यादा है। तापमान में हल्की गिरावट और बढ़ोतरी दोनों देखने को मिल सकती है। फिलहाल लोगों और खासकर किसानों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
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