बिहार के 163 बच्चों का मामला :परिजन बोले-बेहतर शिक्षा के लिए लातूर और नांदेड़ के मदरसों में भेज रहे थे बच्चे

कटनी में कथित मानव तस्करी मामले में नया मोड़ आया है। बिहार के अररिया और अन्य जिलों से कटनी पहुंचे परिजनों ने जीआरपी थाने में अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने कहा कि बच्चे बेहतर शिक्षा के लिए लातूर और नांदेड़ जा रहे थे, मानव तस्करी का आरोप गलत है।
परिजन बोले-बेहतर शिक्षा के लिए लातूर और नांदेड़ के मदरसों में भेज रहे थे बच्चे

कटनी। 163 बच्चों से जुड़े कथित मानव तस्करी मामले में नया मोड़ आ गया है। चार दिन पहले जीआरपी द्वारा रोके गए बच्चों के परिजन मंगलवार को बिहार के अररिया सहित अन्य जिलों से कटनी पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। परिजनों ने जीआरपी थाने में पहुंचकर अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए और बयान दर्ज कराए।  उनका कहना है कि बच्चे अपनी मर्जी से बेहतर शिक्षा के लिए महाराष्ट्र के लातूर और नांदेड़ स्थित मदरसों में जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पूरी जांच के इस मामले को मानव तस्करी का रूप दे दिया गया, जिससे वे और बच्चे परेशान हो रहे हैं।

किराया-भाड़ा देकर भेजा

एक अभिभावक ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने बच्चों को शिक्षकों के साथ भेजा था और इसके लिए किराया-भाड़ा भी दिया गया था। उनका उद्देश्य केवल बच्चों का भविष्य संवारना था।

पुलिस की आशंका पर सवाल

गौरतलब है कि चार दिन पहले कटनी रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में बच्चों को एक साथ ले जाते देख जीआरपी ने उन्हें ट्रेन से उतार लिया था और साथ मौजूद शिक्षकों पर मानव तस्करी का संदेह जताते हुए कार्रवाई शुरू की थी। परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस की प्रारंभिक आशंका पर सवाल उठे हैं। फिलहाल जीआरपी दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा 

बच्चों के माता-पिता कटनी पहुंच गए हैं और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है। कुछ अन्य बच्चों के अभिभावकों का आना अभी बाकी है। जांच प्रक्रिया अभी जारी है।

विजय गरौठिया, डीएसपी, जीआरपी कटनी

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

Latest Posts