भोपाल। मध्य प्रदेश में अब मौसम पूरी तरह बदल चुका है। अप्रैल की शुरुआत में जहां आंधी, बारिश और ओलों ने लोगों को राहत दी थी, वहीं अब गर्मी ने अपने असली तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सूरज की तेज तपिश के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि, 16 और 17 अप्रैल से राज्य के कई जिलों में हीटवेव यानी लू चलने वाली है। इसका असर आम जनजीवन पर साफ देखने को मिलेगा।
सोमवार को मध्य प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर नजर आई, जहां रतलाम सबसे गर्म शहर रहा और यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा धार, नर्मदापुरम और खरगोन जैसे जिलों में भी तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया। यह संकेत है कि अब प्रदेश में गर्मी ने पूरी तरह से दस्तक दे दी है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने 16 और 17 अप्रैल को प्रदेश के कई जिलों में हीटवेव यानी लू चलने की चेतावनी जारी की है। रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और खरगोन जैसे जिलों में लू का असर ज्यादा रहेगा। इसके अलावा खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट में भी तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में भी गर्म हवाओं का असर महसूस किया जाएगा, जिससे लोगों को दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है।
|
शहर |
अधिकतम (°C) |
न्यूनतम |
|
बैतूल |
39.5 |
20.5 |
|
भोपाल |
38.8 |
22.6 |
|
धार |
40.4 |
23.8 |
|
नर्मदापुरम |
40.8 |
25.6 |
|
इंदौर |
38.8 |
19.8 |
|
खंडवा |
39.1 |
22.4 |
|
खरगोन |
40.0 |
21.6 |
|
रतलाम |
41.2 |
23.2 |
|
उज्जैन |
39.0 |
19.5 |
|
छिंदवाड़ा |
39.2 |
21.2 |
|
जबलपुर |
38.2 |
20.3 |
|
मंडला |
40.0 |
19.6 |
|
सागर |
38.4 |
24.2 |
|
सतना |
37.0 |
20.4 |
|
सिवनी |
38.2 |
23.0 |
|
उमरिया |
38.1 |
18.3 |
मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम बनने वाला है, लेकिन यह सिस्टम काफी कमजोर रहेगा। इसलिए इससे बारिश या तापमान में गिरावट की उम्मीद बहुत कम है। यानी आने वाले दिनों में लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। विभाग का कहना है कि अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा हर साल सबसे ज्यादा गर्म रहता है और इस दौरान तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है। ग्वालियर में 45 डिग्री और भोपाल में 44 डिग्री तक तापमान जाने का रिकॉर्ड भी रहा है।
देशभर में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसके पीछे कई बड़े कारण हैं। राजस्थान और पाकिस्तान के आसपास ऊपरी हवा में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन अभी भी सक्रिय है, जो मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा बिहार और असम के हिस्सों में भी इसी तरह की मौसमी गतिविधियां चल रही हैं।
उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक फैली पूर्व-पश्चिम ट्रफ और बिहार से तमिलनाडु तक फैली उत्तर-दक्षिण ट्रफ भी मौसम को अस्थिर बना रही हैं। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में तेज रफ्तार वाली जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिल रहा है।
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अप्रैल के शुरुआती दिनों में मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग था। 1 से 9 अप्रैल के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली। करीब 45 जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि 15 से ज्यादा जिलों में ओले गिरे। ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। इस कारण लोगों को भीषण गर्मी से कुछ दिनों के लिए राहत मिली थी, लेकिन अब वह सिस्टम कमजोर पड़ गया है और गर्मी तेजी से बढ़ने लगी है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में देशभर के मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान तेजी से बढ़ेगा और हीटवेव की स्थिति बन सकती है। वहीं पूर्वोत्तर भारत, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रहेंगी। इस तरह देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिलेगा, जिससे कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
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हीटवेव या लू एक ऐसी स्थिति होती है जब तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है। आमतौर पर जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है और सामान्य से 4 से 6 डिग्री ज्यादा रहता है, तब हीटवेव घोषित की जाती है। इस दौरान तेज गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे लोगों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक होती है।
लू से बचने के लिए लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। दोपहर के समय, खासकर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना जरूरी है। हल्के और ढीले कपड़े पहनें और सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें। बाहर निकलते समय पानी या ORS साथ रखें और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करें। इन सावधानियों को अपनाकर लू के असर से काफी हद तक बचा जा सकता है।