भोपाल। मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ले ली है। अप्रैल की शुरुआत में जहां तेज गर्मी का अनुमान लगाया जा रहा था, वहीं अब कई जिलों में ओले, तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिल रहा है। शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में ऐसा मौसम बना कि सड़कों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई, जिससे कई जगहों पर कश्मीर जैसा नजारा दिखाई दिया।
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती सिस्टम) सक्रिय है। इसी कारण कई जिलों में मौसम लगातार बदल रहा है। आने वाले 24 घंटे में भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ग्वालियर समेत 27 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों का येलो अलर्ट जारी किया है।
शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। बैतूल, श्योपुर और मुरैना में भारी ओलावृष्टि हुई। कई इलाकों में इतने ओले गिरे कि सड़कों और खेतों पर सफेद परत बन गई। इसके अलावा प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश और आंधी भी देखने को मिली। राजधानी भोपाल में देर रात मौसम बदला, जबकि सीहोर, विदिशा, रतलाम और रायसेन समेत कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ स्थानों पर 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश के कई जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। जिन जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं-
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर और पांढुर्णा
इन जिलों में दोपहर बाद आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना जताई गई है।
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मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम अस्थिर रहेगा। इस दौरान कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है।
5 अप्रैल- येलो अलर्ट
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर और पांढुर्णा।
6 अप्रैल- येलो अलर्ट
ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।
7 अप्रैल- येलो अलर्ट
नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल।
8 अप्रैल- येलो अलर्ट
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, विदिशा, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में सक्रिय सिस्टम के अलावा 7 अप्रैल से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय होगा। इसकी वजह से 10-11 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इसके बाद यह सिस्टम कमजोर हो जाएगा और प्रदेश में गर्मी तेजी से बढ़ने लगेगी। अनुमान है कि, अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कई शहरों में तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी, नौगांव और खजुराहो जैसे इलाकों में तेज गर्मी पड़ने का अनुमान है।
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इस साल मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा है। जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में कई बार मौसम बदला। फरवरी में चार बार ओले और बारिश हुई, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। वहीं मार्च में भी कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि हुई। मार्च के दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश और 17 जिलों में ओले गिरने की घटनाएं सामने आई थीं। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसल को काफी नुकसान हुआ।
|
शहर |
अधिकतम तापमान °C |
न्यूनतम तापमान °C |
|
भोपाल |
35.2 |
19.7 |
|
ग्वालियर |
34.4 |
19.1 |
|
इंदौर |
33.8 |
20.0 |
|
नर्मदापुरम |
37.3 |
23.2 |
|
खंडवा |
37.1 |
20.0 |
|
खरगोन |
37.6 |
20.6 |
|
दतिया |
36.2 |
18.5 |
|
गुना |
34.9 |
19.7 |
|
रतलाम |
34.2 |
19.2 |
|
उज्जैन |
33.5 |
17.7 |
|
शहर |
अधिकतम °C |
न्यूनतम °C |
|
जबलपुर |
34.4 |
20.6 |
|
सागर |
35.2 |
17.4 |
|
रीवा |
32.5 |
17.4 |
|
सतना |
30.9 |
18.0 |
|
मंडला |
32.9 |
19.8 |
|
छिंदवाड़ा |
34.0 |
19.8 |
|
सिवनी |
29.0 |
19.6 |
|
उमरिया |
31.1 |
19.3 |
इन आंकड़ों से साफ है कि, कई शहरों में तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया, जिसकी वजह हालिया बारिश और आंधी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में मौसम बदलने की मुख्य वजह हैं-
इन्हीं कारणों से प्रदेश में बारिश, ओले और तेज आंधी का मिश्रित असर देखने को मिल रहा है।