भोपाल। मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत आमतौर पर तेज गर्मी के लिए जानी जाती है लेकिन इस बार मौसम ने सबको चौंका दिया है। कुछ ही दिनों पहले जहां तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया था, वहीं अब आंधी, बारिश और ओलों ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। कई जिलों में आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय प्रदेश के ऊपर तीन अलग-अलग मौसमीय सिस्टम सक्रिय हैं। यही वजह है कि मौसम इतना तेजी से बदल रहा है। इन सिस्टम के कारण वातावरण में नमी बढ़ी है, जिससे बादल बन रहे हैं और बारिश हो रही है। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। यहां कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग ने दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में अचानक ओले गिर सकते हैं, जिससे फसलों और वाहनों को नुकसान हो सकता है। किसानों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है, क्योंकि गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है। ऐसे में ओले गिरने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
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प्रदेश के करीब 18 जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार रहने का अनुमान है। तेज हवा के कारण पेड़ गिर सकते हैं, बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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बीते दिन भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिला। शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं रतलाम में धूल भरी आंधी चली, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। इससे साफ है कि मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है और किसी भी समय बदलाव हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 11 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश में एक बार फिर आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसका मतलब यह है कि आने वाले दिनों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहेगा और लोगों को बार-बार बदलते हालात का सामना करना पड़ेगा।
इस साल फरवरी और मार्च में कई बार मौसम बदला, जिससे फसलों को नुकसान भी हुआ। ओलावृष्टि और बारिश के कारण गेहूं, पपीता और केला जैसी फसलें प्रभावित हुईं। अप्रैल की शुरुआत में भी यही ट्रेंड जारी है और पिछले एक हफ्ते से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं न कहीं बारिश हो रही है।