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MP में नहीं होंगे थोक तबादले, विभागीय मंत्री की अनुमति से हो सकेंगे ट्रांसफर, संशोधित ट्रांसफर पॉलिसी जारी

MP में नहीं होंगे थोक तबादले, विभागीय मंत्री की अनुमति से हो सकेंगे ट्रांसफर, संशोधित ट्रांसफर पॉलिसी जारी
भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद नई तबादला नीति 2025 लागू कर दी गई है। राज्य सरकार ने तबादलों को लेकर संशोधित गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसमें विभागीय मंत्रियों की अनुमति को अनिवार्य किया गया है। यह ट्रांसफर महेश्वर में हुई कैबिनेट बैठक में पारित की गई थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों के लिए स्पष्ट नियम और प्रतिबंध जारी किए हैं।

विभागीय मंत्री की अनुमति से हो सकेंगे ट्रांसफर

नई ट्रांसफर पॉलिसी के अनुसार, राज्य में सामान्यत: अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, गंभीर परिस्थितियों में अपवाद स्वरूप तबादले किए जा सकते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित विभागीय मंत्री से प्रशासकीय अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। देखें आदेश

तबादलों के लिए निर्धारित नियम

  • तबादलों को लेकर सरकार ने कुछ विशेष परिस्थितियों का उल्लेख किया है, जिनके आधार पर ही स्थानांतरण संभव होगा: गंभीर बीमारी के आधार पर - कैंसर, लकवा, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों के चलते तात्कालिक जरूरत होने पर तबादला किया जा सकेगा।
  • कोर्ट के आदेश पर - न्यायालयीन आदेश, जिसका पालन करना अनिवार्य हो और कोई अन्य विधिक विकल्प न हो, इस आधार पर भी तबादला संभव है। हालांकि, संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित नहीं होनी चाहिए।
  • अनुशासनात्मक कार्यवाही के तहत - किसी कर्मचारी पर गंभीर अनियमितताओं या लापरवाही के आरोप सिद्ध होने और अनुशासनात्मक कार्यवाही पूरी हो जाने पर तबादला किया जा सकता है।
  • भ्रष्टाचार या आपराधिक प्रकरण - लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, या पुलिस द्वारा दर्ज आपराधिक मामलों में अभियोजन प्रक्रिया के दौरान जांच प्रभावित होने की संभावना होने पर तबादला किया जा सकता है।
  • प्रशासनिक जरूरत - सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति से वापसी या रिक्त पदों की पूर्ति के लिए प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर तबादला किया जा सकता है।
  • परियोजना पूर्ण होने पर - किसी सरकारी परियोजना का कार्य समाप्त होने पर या पद के अन्यत्र स्थानांतरित होने की स्थिति में भी तबादला किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रकरणों में विशेष अनुमति

तबादला नीति के अनुसार, यदि कोई तबादला मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर किया जाना हो, तो संबंधित विभागीय सचिव को पहले अनुमोदन लेना होगा। इसके बाद प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा, जहां से अंतिम आदेश जारी किए जाएंगे।

कर्मचारियों को राहत, लेकिन सख्ती भी

नई तबादला नीति में कर्मचारियों को कुछ राहत जरूर दी गई है, लेकिन इसमें कड़े नियम भी लागू किए गए हैं। तबादलों के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस से प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम होने की उम्मीद है।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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