मप्र में ट्रैफिक पुलिस के 2,500 पद खाली, जाम से निपटने के लिए SAF जवानों की तैनाती पर विचार

विजय एस. गौर, भोपाल। भोपाल, इंदौर और प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए विशेष सशस्त्र बल (SAF) के जवानों को यातायात व्यवस्था में लगाने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस के स्वीकृत 6,000 पदों में से करीब 2,500 पद खाली हैं। फिलहाल लगभग 3,500 जवान ही यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं। ऐसे में ट्रैफिक अमले की कमी पूरी करने के लिए SAF जवानों की मदद लेने का विकल्प देखा जा रहा है। हालांकि SAF के अतिरिक्त महानिदेशक डी. श्रीनिवास वर्मा ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में अभी कोई योजना अंतिम रूप से तय नहीं हुई है।
ट्रैफिक पुलिस के ढाई हजार पद खाली
प्रदेश में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस के 6,000 जवानों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 3,500 पद भरे हुए हैं। इस तरह करीब 2,500 पद खाली हैं। जवानों की कमी का असर भोपाल और इंदौर सहित प्रदेश के बड़े शहरों में यातायात नियंत्रण पर पड़ रहा है। वाहनों की बढ़ती संख्या और यातायात के समुचित नियमन की कमी के कारण कई प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति बनती है। आमतौर पर सुबह 9 से 11 बजे तक और शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक यातायात का दबाव अधिक रहता है। इन समयों में जाम से लोगों को परेशानी होती है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा अमले के साथ अतिरिक्त जवानों की तैनाती का विकल्प तलाशा जा रहा है।
SAF की 22 बटालियनों में 22 हजार से ज्यादा जवान
मध्यप्रदेश में SAF की 22 बटालियन हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रत्येक बटालियन में लगभग एक हजार जवान हैं और कुल बल की संख्या 22 हजार से अधिक बताई गई है। विचार यह है कि जरूरत के अनुसार इन जवानों में से कुछ को बड़े शहरों में ट्रैफिक ड्यूटी पर लगाया जा सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अधिकतम 25 प्रतिशत जवानों को यातायात ड्यूटी में लगाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इस हिसाब से प्रदेशभर में करीब 5,000 जवान उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, वास्तव में कितने जवानों को तैनात किया जाएगा, यह संबंधित शहर में मौजूद SAF बटालियन की संख्या और वहां उपलब्ध जवानों पर निर्भर करेगा। SAF जवानों को यातायात व्यवस्था में लगाने से पहले प्रारंभिक प्रशिक्षण देने की बात भी सामने आई है। इसके बाद उन्हें मौजूदा ट्रैफिक पुलिस अमले के साथ तैनात किया जा सकता है। फिलहाल यह विचार के स्तर पर है और अंतिम निर्णय उच्च स्तर पर चर्चा के बाद ही होगा।
प्रदेश में 2.40 करोड़ पंजीकृत वाहन
मध्यप्रदेश में पंजीकृत वाहनों की संख्या करीब 2 करोड़ 40 लाख बताई गई है। इनमें लगभग 1.36 करोड़ दोपहिया वाहन शामिल हैं। बड़े शहरों में चार पहिया वाहनों की संख्या भी यातायात का दबाव बढ़ा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इंदौर में 3.38 लाख और भोपाल में 2.90 लाख चार पहिया वाहन हैं। वहीं, प्रदेश में करीब 24 लाख वाहन 15 साल पुराने हैं, जिनमें लगभग 16 लाख दोपहिया वाहन शामिल हैं। ये आंकड़े सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और CEIC Data के आंकड़ों पर आधारित बताए गए हैं। वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ सड़कों पर यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में यातायात प्रबंधन के लिए पर्याप्त पुलिस बल, प्रभावी नियमन और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जाम से राहत के साथ ईंधन और प्रदूषण में कमी की उम्मीद
यातायात व्यवस्था में अतिरिक्त जवानों की तैनाती से जाम नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। यदि प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर यातायात का संचालन बेहतर होता है, तो वाहनों को लंबे समय तक रुकने से राहत मिल सकती है। इससे ईंधन की खपत कम करने और प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलने की संभावना है। हालांकि इसका वास्तविक असर तैनाती की संख्या, स्थानों के चयन, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल SAF जवानों की तैनाती को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
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एडीजी SAF बोले- अभी कोई योजना फाइनल नहीं
SAF के अतिरिक्त महानिदेशक डी. श्रीनिवास वर्मा के अनुसार, SAF जवानों को मूल रूप से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया जाता है इसलिए उन्हें रिजर्व में रखा जाता है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक संभालने के लिए SAF जवानों की तैनाती की कोई योजना अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है। इस संभावना पर उन्होंने कहा कि बड़े शहरों में जरूरत के अनुसार 25 प्रतिशत जवानों को ट्रैफिक ड्यूटी में लगाया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में उच्च स्तर पर विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।




















