MP के शिक्षकों से CM मोहन यादव ने की मुलाकात, सेवावधि की गणना पर बनी सहमति
भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET), प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवावधि की गणना और ई-अटेंडेंस व्यवस्था से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में तीनों मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद संयुक्त मोर्चा ने भोपाल के नीलम पार्क में चल रहे अपने आंदोलन को अगले दो महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा की। मोर्चा के प्रांतीय संयोजक राकेश दुबे और सदस्य राम मोहन रघुवंशी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में शिक्षकों की मांगों के निराकरण को लेकर चर्चा हुई और कुछ मुद्दों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया गया।
TET के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सहयोग का भरोसा
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांगों में शिक्षक पात्रता परीक्षा को निरस्त कराने का मुद्दा शामिल है। संगठन का कहना है कि इस मामले में उसकी क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों जगदीश यादव, राकेश दुबे और राकेश नायक से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस मामले में शासन की ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा। साथ ही, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर शिक्षकों का पक्ष रखने की बात भी कही। इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय आने तक संयुक्त मोर्चा ने शिक्षकों से परीक्षा के आवेदन फॉर्म नहीं भरने की अपील की है। हालांकि, इस संबंध में शिक्षकों को कोई भी कदम उठाने से पहले संबंधित आधिकारिक निर्देशों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
प्रथम नियुक्ति से सेवावधि की गणना पर सहमति
शिक्षकों की दूसरी प्रमुख मांग सेवावधि की गणना प्रथम नियुक्ति की तारीख से किए जाने को लेकर है। संगठन के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सहमति जताई और कहा कि अगले दो महीने में इससे जुड़ी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर आदेश जारी करने की प्रक्रिया की जाएगी। इस मांग पर सहमति को संगठन ने सकारात्मक पहल बताया है। हालांकि इसका वास्तविक लाभ संबंधित शिक्षकों को आदेश जारी होने और उसमें तय प्रावधानों के अनुसार मिलेगा।
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ई-अटेंडेंस से वेतन प्रभावित नहीं होने की बात
संयुक्त मोर्चा ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए इसे बंद करने की मांग भी रखी। बैठक में मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि ई-अटेंडेंस के कारण किसी शिक्षक के वेतन का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। संगठन लंबे समय से इन तीनों मुद्दों के समाधान की मांग कर रहा था। इससे पहले प्रतिनिधियों की स्कूल शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत भी हो चुकी थी।
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नीलम पार्क में चल रहा आंदोलन स्थगित
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर 18 अप्रैल से आंदोलन शुरू किया था। संगठन ने दिल्ली में प्रदर्शन किया और इसके बाद भोपाल के नीलम पार्क में अनशन शुरू कर दिया था। पिछले दो सप्ताह से आंदोलन अनशन के रूप में जारी था। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भेजे गए प्रतिनिधि रमेश चंद्र शर्मा, अध्यक्ष कर्मचारी कल्याण समिति एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा, नीलम पार्क पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत शिक्षकों को मुख्यमंत्री का संदेश सुनाया। इसके बाद संयुक्त मोर्चा ने सदस्यों की सहमति से आंदोलन को आगामी दो महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा की।






















