जितेंद्र सक्सेना, भोपाल। हमारे परिवार में से कोई भी शूटिंग खेल में नही है लेकिन कुशाग्र को बचपन से ही बंदूकों से लगाव है, हम लोग राजपूत हैं इसलिए यह स्वभाविक है, यह बात जूनियर वर्ल्डकप में शामिल 18 वर्षीय कुशाग्र सिंह राजावत की बड़ी बहन रुपल राजावत ने कही। उन्होंने कहा कि नियति मनुष्य को वहीं जाती है जहां का वह असली हकदार होता है और यही बात कुशाग्र के ऊपर फिट बैठती है। क्योंकि स्कूल समर कैंप में वह तैराकी और निशानेबाजी के सीखने गया था लेकिन दो दिन बाद ही उसने यह तय कर लिया की वह शूटिंग खेल में ही आगे खेलेगा।
यहीं से उसका सफर शुरू हुआ जो आज उसे दुनियाभर के निशानेबाजों के बीच ले गया। डेफ कैटेगरी छोड़कर सामान्य कैटगरी में चुनौती देने वाले कुशाग्र के माता पिता प्रताप सिंह राजावत और अंजू राजावत जयपुर के व्यापारी है। इससे पहले कुशाग्र कई प्रतियोगिता में पदक जीत चुके हैं। पेशे से वकील रुपल अपने भाई को लेकर बताती हैं कि वह हमेशा अपने खेल को लेकर बहुत उत्साहित रहता है, जो उसके उज्जवल भविष्य का संकेत है।
जूनियर विश्व कप में भाग लेने के लिए काहिरा रवाना हुए मप्र शूटिंग अकादमी में पांचों जूनियर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने वाले कोच जयदीप कमाकर से हुई खास बातचीत में उन्होंने बताया कि, मप्र शूटिंग अकादमी में विश् व स्तर की खेल सुविधाओं के बीच ट्रेनिंग दी जाती है, यह उसी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए अकादमी के सभी शूटर एक समान हैं लेकिन शूटिंग अकादमी में दाखिला लेने वाले शूटर्स का पहला दिन याद आता है जब वह बच्चे आते हैं और छोटे-छोटे हाथों में बंदूक पकड़कर उसे देखते हैं और देखते ही देखते वह उसे चलाने की महारथ हासिल कर लेते हैं। तब ऐसा लगता है जैसे कोई अपने हाथ से लगाया पेड़ फल और ठंडी छांव दे रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ल्डकप में अपनी-अपनी कैटेगरी में भाग वाले शिवल्ली श्रीवास्तव, योगेश्वरी वैध, कुशाग्र सिंह रजावत, हेमंत वर्मन, शिवेन्द्र बहादुर सिंह सिसोदिया प्रतिभावान निशानेबाज हैं और उनकी लगन देखकर मुझे पूरा विश्वास है कि वह टूर्नामेंट में पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाएंगे। मुझे विश्वास है कि वह अच्छा खेल प्रदर्शन करेंगे।
भारत के 58 निशानेबाजों और सहयोगी स्टाफ का पहला दल 19 से 27 अप्रैल तक आयोजित होने वाले आईएसएसएफ संयुक्त जूनियर विश्व कप में भाग लेने के लिए काहिरा रवाना हो गया है। भारत ने कुल 71 निशानेबाजों को 18 पदक स्पधार्ओं के लिए उतारा है, जिसमें मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में अपने खेल को निखारकर शूटर बने पांच खिलाड़ी शामिल हैं। जिसमें 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन के लिए शिवल्ली श्रीवास्तव, योगेश्वरी वैध, बालक वर्ग में कुशाग्र सिंह रजावत, हेमंत वर्मन, 50 मीटर राइफल 12 पोजीशन के लिए शिवेन्द्र बहादुर सिंह सिसोदिया अपना खेल प्रदर्शन करेंगे। इन सभी खिलाड़ियों को मप्र राज्य शूटिंग अकादमी में जूनियर काहिरा टूनार्मेंट से आईएसएसएफ जूनियर सर्किट की शुरूआत होगी, जिसमें इस कैलेंडर वर्ष में शॉटगन निशानेबाजों के लिए तीन और राइफल एवं पिस्टल निशानेबाजों के लिए दो प्रतियोगिताएं निर्धारित हैं।
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भारत ने कुल 71 निशानेबाजों को 18 पदक स्पधार्ओं के लिए उतारा है, जिनमें से 36 निशानेबाज 15 ओलंपिक स्पधार्ओं में भाग लेंगे। तीन अतिरिक्त स्पधार्ओं में पारंपरिक जूनियर पुरुष और महिला 50 मीटर राइफल प्रोन प्रतियोगिताएं तथा पुरुष 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा शामिल हैं। काहिरा में कुल मिलाकर 25 देशों के 284 खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे, जिसमें भारत सबसे बड़ा दल उतार रहा है। मेजबान मिस्र 29 सदस्यीय टीम उतारेगा, जबकि तटस्थ खिलाड़ी Ñ के तहत भाग ले रहे रूस के 43 निशानेबाज चुनौती पेश करेंगे।