MP के नाम एक और उपलब्धि : सिवनी जिले के ‘भूतबंधानी जम्बो सीताफल को मिला जीआई टैग, किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के प्रसिद्ध जम्बो सीताफल को जीआई टैग मिल गया है। यह उपलब्धि जिले की कृषि पहचान और किसानों की मेहनत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है। जीआई टैग मिलने से सिवनी भूतबंधानी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान मिलेगी। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी और इसके नाम के दुरुपयोग पर रोक लगेगी। सिवनी जिले का सीताफल अपने बड़े आकार, उत्कृष्ट गुणवत्ता और प्राकृतिक रूप से विकसित होने वाले विशिष्ट मीठे स्वाद के लिए देशभर में प्रसिद्ध है।
200 से 650 ग्राम वजन
इस सीताफल का औसत वजन 200 से 650 ग्राम प्रति फल होता है, जबकि भूतबंधानी क्षेत्र में उत्पादित कई फल 800 ग्राम से लेकर एक किलोग्राम तक वजन के पाए जाते हैं। एक कैरेट में औसतन 80 से 90 फल होते हैं, जिसकी कीमत 800 से 900 रुपए तक पहुंच जाती है।
बीज कम, गूदा मीठा
इसमें बीज कम और सफेद, गाढ़ा और प्राकृतिक रूप से बेहद मीठा गूदा ज्यादा होता है। इस फल में पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन का बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत है, जो दिल की सेहत और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक होता है।
ये भी पढ़ें: Dr. Mohan Yadav Cabinet : एमपी में UCC पर तेजी से काम, 5 जुलाई तक तैयार होगा ड्राफ्ट, मानसून सत्र में विधेयक
प्रतिवर्ष करीब 6090 टन उत्पादन होता
सिवनी जिले में लगभग 695 हेक्टेयर क्षेत्र में सीताफल की खेती और प्राकृतिक उत्पादन होता है, जिससे प्रतिवर्ष करीब 6090 टन उत्पादन प्राप्त होता है। जिले के छपारा क्षेत्र के भूतबंधानी सहित जंगलों, पहाड़ी इलाकों और खेतों की मेड़ों पर प्राकृतिक रूप से उगने वाला यह सीताफल अपने बड़े आकार, प्राकृतिक मिठास और विशिष्ट स्वाद के लिए जाना जाता है। इसकी सबसे अधिक आवक सितंबर से नवंबर के बीच होती है।
मुंबई जैसे शहरों में डिमांड
सिवनी का जम्बो सीताफल दिल्ली, आगरा, झांसी, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, नागपुर, रायपुर और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भेजा जाता है। हर वर्ष इसके व्यापार से दो से तीन माह के भीतर लगभग 20 से 25 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। इस फल में करीब 40 प्रतिशत प्राकृतिक शर्करा पाई जाती है और यह औषधीय गुणों से भी भरपूर माना जाता है।
ये भी पढ़ें: लखनऊ अग्निकांड: अनूपपुर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत, तीन साल से गेमिंग कंपनी में कर रहे थे काम
तीन साल पहले किया था आवेदन
चेन्नई स्थित जीआई रजिस्ट्री में वर्ष 2023 में एफपीओ के माध्यम से आवेदन किया गया था। सुनवाई पूरी होने के बाद विभाग ने सिवनी के जम्बो सीताफल को जीआई टैग प्रदान कर दिया है।
डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार, सहायक संचालक, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, सिवनी












