Dr. Mohan Yadav Cabinet :एमपी में UCC पर तेजी से काम, 5 जुलाई तक तैयार होगा ड्राफ्ट, मानसून सत्र में विधेयक

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कहा है कि मप्र में समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट 5 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। कैबिनेट बैठक के दौरान उन्होंने जानकारी दी कि समान नागरिक संहिता के लिए अब तक 9 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं। इनमें से करीब 90 फीसदी सुझाव सकारात्मक और पक्ष के हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज की ज्यादातर महिलाओं ने भी UCC का समर्थन किया है। गौरतलब है कि UCC पर 30 जून तक सुझाव लेने की प्रक्रिया पूरी होगी।
5960 करोड़ की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लगभग 5,960 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सरकार ने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, कृषि, खाद्य सुरक्षा और जनजातीय विकास जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए कई नई घोषणाएं कीं। इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में समावेशी विकास को गति देना और आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
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कन्या विवाह योजना को अगले पांच वर्षों के लिए मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर, निराश्रित और जरूरतमंद परिवारों की विवाह योग्य कन्याओं, विधवाओं और परित्यक्त महिलाओं को सहायता प्रदान करती है। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से प्रति हितग्राही 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार का मानना है कि यह योजना महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
लाखों परिवारों को मिला योजना का लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच इस योजना के तहत 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को लगभग 990 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है। योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि इसके माध्यम से विवाह की वैधानिक आयु का पालन सुनिश्चित होता है और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने में मदद मिलती है। प्रदेश सरकार इसे महिला कल्याण की सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक मानती है।
स्कूल शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला
शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मंत्रिपरिषद ने 225 शासकीय माध्यमिक विद्यालयों को हाई स्कूल और 300 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी विद्यालय में उन्नत करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके लिए 635 करोड़ 24 लाख रुपए की अनुमानित राशि पर भी सहमति दी गई है। वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक विद्यालयों और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा, जबकि अगले दो वर्षों में भी इसी क्रम को जारी रखा जाएगा।
ड्रॉपआउट दर कम करने पर रहेगा फोकस
सरकार का मानना है कि विद्यालयों की दूरी अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी कक्षा 8 और 10 के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। वर्तमान में प्रदेश में हाई स्कूल स्तर पर सकल नामांकन दर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में संक्रमण दर 77 प्रतिशत तथा कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। नए विद्यालयों के उन्नयन से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिलेगी और ड्रॉपआउट दर में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
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विकसित मध्यप्रदेश-2047 के लक्ष्य को मिलेगा बल
सरकार ने वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया है। जिला स्तर पर की गई मैपिंग के अनुसार प्रदेश में 315 नए हाई स्कूल और 214 हायर सेकेंडरी स्कूलों की आवश्यकता महसूस की गई है। स्कूलों की वास्तविक जरूरत का आकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या आंकड़ों और यू-डाइस डेटा के आधार पर किया जाएगा। यह निर्णय विकसित मध्यप्रदेश-2047 के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा जारी
मंत्रिपरिषद ने किसानों को राहत देते हुए वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन फसल ऋण योजना की नई शर्तों को मंजूरी दी है। अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथियों के बजाय एक वार्षिक ऋण सीमा निर्धारित की जाएगी। किसानों को ऋण लेने के बाद 12 माह की अवधि में भुगतान करना होगा। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को अतिरिक्त ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा।
कृषि क्षेत्र को मिलेगा आर्थिक संबल
प्रदेश में यह योजना वर्ष 2012-13 से लागू है और इसके तहत तीन लाख रुपए तक के अल्पकालीन फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता। राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ब्याज सहायता के माध्यम से किसानों को यह लाभ दिया जाता है। सरकार का उद्देश्य खेती की लागत कम करना और किसानों को साहूकारों पर निर्भर होने से बचाना है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
शुजालपुर में खुलेगा नया लॉ कॉलेज
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में नए शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी है। सत्र 2026-27 से शुरू होने वाले इस कॉलेज के लिए 17 नए पदों का सृजन किया जाएगा और लगभग 2.40 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार विधि पाठ्यक्रमों को स्वतंत्र विधि महाविद्यालय के रूप में संचालित करना आवश्यक है, इसी कारण यह निर्णय लिया गया है।
खाद्य सुरक्षा और जनजातीय विकास से जुड़े अहम निर्णय
बैठक में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के अंतर्गत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 3,580 करोड़ 7 लाख रुपए की स्वीकृति भी दी गई। यह राशि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक योजना के संचालन में उपयोग की जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जनजातीय क्षेत्रों में विद्युतीकरण कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया।












