मध्यप्रदेश संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में 25 संगठनों ने लिया हिस्सा, प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति पर बनी सहमति
सिवनी मालवा। मध्यप्रदेश संयुक्त किसान मोर्चा को प्रदेश स्तर पर मजबूत करने और किसान-मजदूरों से जुड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन तक प्रभावीतरीके से पहुंचाने को लेकर सिवनी मालवा तहसील के देव स्थल भिलट देव में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक होटल सिंदूर रिसॉर्ट में हुई, जिसमें प्रदेश के 25 किसान और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में किसान और मजदूर संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने, संगठन को जिला, तहसील और ग्राम स्तर तक मजबूत करने तथा विभिन्न मुद्दों को लेकर साझा रूप से आगे बढ़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।
विभिन्न समितियों का किया गया गठन
बैठक के दौरान मध्यप्रदेश संयुक्त किसान मोर्चा की संयोजक समिति और समन्वय समिति सहित विभिन्न समितियों का गठन किया गया। इसके साथ ही मोर्चे के संविधान से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी प्रतिनिधियों ने चर्चा की। प्रतिनिधियों ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि किसान और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने के लिए स्थानीय स्तर तक संगठन की सक्रियता जरूरी है।
ज्ञापन और लोकतांत्रिक माध्यमों से उठाए जाएंगे मुद्दे
बैठक में किसानों और मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। तय किया गया कि संबंधित समस्याओं और मांगों को ज्ञापन सहित अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों के जरिए शासन और प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में किसान-मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार करने पर भी सहमति बनी। मोर्चे के प्रतिनिधियों ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर साझा कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
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आंदोलन कर रहे किसानों और मजदूरों का समर्थन करेगा मोर्चा
बैठक में प्रतिनिधियों ने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां भी किसान और मजदूर अपने अधिकारों तथा स्थानीय समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहां संयुक्त किसान मोर्चा उनके मुद्दों का समर्थन करेगा। प्रतिनिधियों के मुताबिक, अलग-अलग संगठनों के साझा मंच के जरिए किसान और मजदूरों से जुड़े विषयों को व्यापक स्तर पर उठाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए संगठनों के बीच बेहतर समन्वय और साझा कार्यक्रमों पर आगे काम करने की बात कही गई।
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25 संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन, किसान जागृति संगठन, अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक, राष्ट्रीय किसान मोर्चा, श्रमिक आदिवासी संगठन, भारतीय किसान यूनियन, किसान आदिवासी संगठन, भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति, अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा, किसान क्रांति संगठन, जनसंघर्ष समन्वय समिति मध्यप्रदेश, भारत कृषक समाज, भारतीय ग्रामीण किसान संगठन नर्मदापुरम, क्रांतिकारी किसान संगठन मध्यभारत, किसान सत्याग्रह संगठन, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ, भारतीय किसान यूनियन टिकैत, किसान मजदूर परिषद, किसान स्वराज संगठन, राष्ट्रवादी किसान आर्मी गैर राजनीतिक, किसान महापंचायत बरेली, राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ और भारतीय किसान यूनियन मान सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में संगठनात्मक विस्तार, किसान-मजदूरों के मुद्दों और आगामी आंदोलन की रणनीति को लेकर चर्चा के बाद प्रदेश स्तर पर साझा गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।






















