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MP RTO : गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कराने से पहले लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना जरूरी, नई व्यवस्था से लोग परेशान

बीते दिनों अचानक परिवहन विभाग के पोर्टल पर एक नई व्यवस्था लागू हो गई है। जिसमें पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन रिन्यू करवाने से पहले उनमें जीपीएस आधारित लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगवाना अनिवार्य किया गया है। इस डिवाइस की कीमत करीब 15 हजार रुपए तक बताई जा रही है।
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गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कराने से पहले लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना जरूरी, नई व्यवस्था से लोग परेशान
AI Image

इंदौर। पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने के लिए अब जीपीएस आधारित लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना जरूरी हो गया है। बिना इस सिस्टम के वाहन की फाइल अप्रूव नहीं होगी। इतना ही नहीं दो पहिया वाहनों में भी इसे अनिवार्य किया गया है। हालांकि अफसरों का कहना है कि किसी तकनीकी गलती से यह हुआ है। दो तीन दिन में यह समस्या हट जाएगी।

पहले केवल कमर्शियल वाहनों के लिए जरूरी था

एजेंटों के अनुसार बीते दो दिनों से यह परेशानी आ रही है। जैसे ही किसी कार या दूसरे निजी वाहन का रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल करने के लिए पोर्टल खोल रहे है। उसमें वीएलटी सिस्टम की जानकारी मांगी जा रही है। पहले यह केवल कम​र्शियल वाहनों के लिए अनिवार्य था। हमने    अ​धिकारियों से बात की , लेकिन वे भी कुछ सही जवाब नहीं दे पाए। इससे काम पूरी तरह से अटक गया है। एजेंटों ने कहा कि दो पहिया वाहनों के लिए भी यहीं दिखा रहा है।

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कई वाहनों की कीमत से ज्यादा रिन्यूअल चार्ज

जिस वाहन की कीमत ही 15 हजार बची है, उसमें 12 से 14 हजार की वीएलटी डिवाइस कैसे लगवाए। नियम सामने आते ही वाहन मालिकों की चिंता बढ़ गई है। पहले ही पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत, महंगे बीमा और मेंटेनेंस खर्च से परेशान लोगों को अब अतिरिक्त 15 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ सकते हैं। खासकर 10 से 15 साल पुरानी कार चलाने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह बड़ा आर्थिक बोझ माना जा रहा है।

...तो लोग स्क्रैप कराना पसंद करेंगे

ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि यदि यह नियम लागू होता है तो कई लोग पुरानी गाड़ियों का रिन्यू करवाने के बजाय उन्हें बेचने या स्क्रैप कराने का विकल्प चुन सकते हैं। इससे सेकंड हैंड कार बाजार पर भी असर पड़ सकता है। आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि अभी वाहन पोर्टल को अपडेट कर ने का काम जोर शोर से चालू है। संभवत किसी गलती से ऐसा हुआ है। जल्द ही इसे सुधार लिया जाएगा।

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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