'ड्रग फ्री मध्यप्रदेश' मिशन:अगले 3 साल में नशामुक्त होगा प्रदेश, DGP कैलाश मकवाना का बड़ा ऐलान

भोपाल में आयोजित दो दिवसीय त्रैमासिक समीक्षा बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस ने एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने कहा कि अगले तीन वर्षों में प्रदेश को पूरी तरह ड्रग फ्री मध्यप्रदेश बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पुलिस विभाग नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी चलाएगा।
पुलिस मुख्यालय में हुई इस बैठक में जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और विशेष सशस्त्र बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में अपराध नियंत्रण, पुलिस आधुनिकीकरण, न्यायालयीन मामलों के निराकरण, प्रशासनिक सुधार और पुलिसकर्मियों के कल्याण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
शुरू होगा 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान
DGP ने बताया कि 15 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया जाए।
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AI आधारित 1 लाख CCTV का बनेगा नेटवर्क
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। DGP ने सेफगार्ड योजना के तहत प्रदेशभर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित करीब एक लाख सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए।
यह नेटवर्क कानून-व्यवस्था बनाए रखने, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने, यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने और अपराधियों की पहचान करने में मदद करेगा। पुलिस का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इसके अलावा नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में भी सीसीटीवी नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास बनेंगे ड्रग फ्री जोन
युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बैठक में तय किया गया कि स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को चरणबद्ध तरीके से ड्रग फ्री जोन बनाया जाएगा। इन क्षेत्रों में नशे की बिक्री और सेवन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
ड्रग हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां नियमित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस विभाग जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी नशे के खतरों के बारे में जानकारी देगा।
पेंडिंग मामलों को जल्द निपटारे के निर्देश
DGP कैलाश मकवाना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय सहित अन्य अदालतों में लंबित याचिकाओं, सेवा संबंधी विवादों और अवमानना मामलों में समय पर जवाब प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी मामले में लापरवाही न बरती जाए और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
पुलिस विभाग में बढ़ेगा डिजिटल सिस्टम का उपयोग
बैठक में प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। DGP ने सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली का 100 प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी फाइलों और अन्य प्रक्रियाओं को अधिकतम डिजिटल बनाया जाए, जिससे कामकाज में तेजी आए और पारदर्शिता बढ़े। साथ ही स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर भारमुक्त करने के निर्देश भी दिए गए।
इन पुलिसकर्मियों को मिलेगा सम्मान
DGP ने कहा कि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों के नाम राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों के लिए भेजे जाएं।
विशेष रूप से के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार के लिए योग्य अधिकारियों और कर्मचारियों का चयन करने को कहा गया। उनका मानना है कि अच्छे कार्यों को पहचान मिलने से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और बेहतर कार्य संस्कृति विकसित होती है।
53 करोड़ की अवैध संपत्ति की गई फ्रीज
बैठक में बताया गया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत पिछले छह महीनों में चलाए गए अभियानों के दौरान पुलिस ने कई बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। नशे के कारोबार से जुड़े 10 महत्वपूर्ण मामलों में करीब 53 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति फ्रीज की गई है। इसके अलावा मादक पदार्थों के विनिष्टीकरण, चिन्हित अपराधियों पर कार्रवाई और सीमा क्षेत्रों में आयोजित बॉर्डर मीटिंग्स की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रखी जाए।
स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
बैठक में पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। DGP ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
इसके लिए जिला पुलिस अधीक्षक हर महीने सिविल सर्जन के साथ बैठक करेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी और अस्पतालों के साथ एमओयू भी किए जाएंगे।











