मध्यप्रदेश में उद्योगों की बंपर रफ्तार:MSME और बड़े निवेशकों को ₹1500 करोड़ से ज्यादा की सौगात, 5 साल में टॉप-3 में आने का दावा

अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बड़ी राहत दी। कार्यक्रम में 860 से ज्यादा MSME इकाइयों को 225.19 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। वहीं बड़े उद्योगों को निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत 1274 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता जारी की गई। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है और आने वाले पांच सालों में राज्य देश के टॉप-3 औद्योगिक राज्यों में शामिल हो सकता है।

रवींद्र भवन में हुआ बड़ा MSME समिट कार्यक्रम
यह पूरा कार्यक्रम भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित किया गया जहां प्रदेशभर से 2000 से ज्यादा उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि, बैंक, वित्तीय संस्थान, ई-कॉमर्स कंपनियां, महिला स्वयं सहायता समूह और सरकारी अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान करीब 60 स्टॉल लगाए गए, जहां सरकारी योजनाओं, नए प्रोडक्ट और उद्योगों से जुड़ी जानकारी साझा की गई।

छोटे उद्योगों से 1 करोड़ लोगों को रोजगार
सीएम ने बताया कि प्रदेश में इस समय 25 लाख से ज्यादा MSME इकाइयां काम कर रही हैं। इनसे एक करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था की असली ताकत हैं, इसलिए सरकार लगातार इन्हें फंडिंग, तकनीक और बाजार से जोड़ने का काम कर रही है।
स्टार्टअप और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
प्रदेश में स्टार्टअप का तेजी से विस्तार हुआ है। दिसंबर 2023 में जहां करीब 4800 स्टार्टअप थे वहीं अब यह संख्या बढ़कर 7700 से ज्यादा हो गई है। खास बात यह है कि इनमें से आधे से ज्यादा स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। सरकार का फोकस महिलाओं को उद्यमिता की ओर आगे बढ़ाने पर भी है।
उद्योगों की गुणवत्ता पर भी फोकस
सरकार अब सिर्फ उद्योगों की संख्या बढ़ाने पर नहीं बल्कि उनके प्रोडक्ट की क्वालिटी सुधारने पर भी ध्यान दे रही है। पिछले ढाई साल में करीब 19 हजार MSME इकाइयों को ZED (Zero Defect Zero Effect) सर्टिफिकेशन दिया गया है जिससे उनके उत्पाद देश और विदेश दोनों बाजारों में ज्यादा मजबूत हो सकें।
लंबित भुगतान खत्म
उद्योग विभाग के मुताबिक 31 मई 2026 तक MSME से जुड़ी सभी लंबित प्रोत्साहन राशि और देनदारियों का भुगतान पूरा कर दिया गया है। इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है और उद्योगों को समय पर मदद मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

30 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे
प्रदेश में अभी 150 से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र काम कर रहे हैं और अब 30 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। कई जगहों पर नए औद्योगिक प्रोजेक्ट्स का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया गया। इसके साथ ही महिलाओं के लिए वर्किंग वूमेन हॉस्टल जैसी सुविधाएं भी तैयार की जा रही हैं ताकि उन्हें कामकाज में आसानी हो।
ये भी पढ़ें: हैदराबाद में ट्रंप के नाम पर सड़क : अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा थैंक्यू इंडिया, जानें क्यों रखा गया ये नाम
विदेशी निवेश से बढ़ेगा रोजगार
सीएम ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए कई निवेश समझौते अब जमीन पर उतर रहे हैं। कनाडा, ब्रिटेन, जापान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और आयरलैंड की कंपनियां खाद्य प्रसंस्करण, मेडिकल डिवाइस, दवा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रही हैं। इससे आने वाले समय में प्रदेश में रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे।
ये भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि की, 11 जुलाई को होगी अगली बैठक
सरकार का फोकस: उद्योग के साथ रोजगार भी
सीएम ने साफ कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ उद्योग बढ़ाना नहीं है बल्कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार देना और नए उद्यमी तैयार करना भी है। प्रदेश में चल रही नीतियों और निवेश योजनाओं का असर अब धीरे-धीरे जमीन पर दिखने लगा है और सरकार इसे और तेज करने की दिशा में काम कर रही है।












