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Peoples Update Special :अब मप्र के विधायक नहीं रहेंगे छत्तीसगढ़ के माननीयों से पीछे, मिलेगा बराबर वेतन-भत्ता

प्रदेश के विधायकों को अब पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के विधायकों की तरह वेतन और भत्ते मिलेंगे। इसकी तैयारी हो चुकी है। इसी महीने के आखिरी में इस फैसले पर मुहर लग सकती है। 
अब मप्र के विधायक नहीं रहेंगे छत्तीसगढ़ के माननीयों से पीछे, मिलेगा बराबर वेतन-भत्ता
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। प्रदेश के सभी 230 विधायक अपना वर्तमान वेतन-भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि वे अक्सर क्षेत्र भ्रमण में रहते हैं, कार्यकर्ताओं और जनता से फोन पर लगातार संपर्क बनाए रखना पड़ता। डीजल-पेट्रोल भी मंहगा हो गया है। इसको देखते हुए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में गठित कमेटी मंथन कर रही है। समिति की दो बैठकें हो चुकी हैं और संभावना है कि मार्च में आने वाले बजट में नए वेतन-भत्ते देने की घोषणा कर दी जाए। विधायकों को छत्तीसगढ़ राज्य की तरह करीब 1.60 लाख रुपए तय करने पर मुहर लग सकती है।

    महाराष्ट्र की तरह वेतन-भत्ते देने से इनकार

    दरअसल, विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ने के मामले में वित्त विभाग की कड़ी नजर है। समिति की हाल ही में हुई दूसरी बैठक में सदस्यों ने महाराष्ट्र की तरह 2.60 लाख रुपए मासिक की मांग की थी। इससे ज्यादा वेतन-भत्ता 2.88 लाख रुपए झारखंड में मिल रहा है। इस पर फाइनेंस ने वित्तीय अनुशासन बनाने की बात कही। इससे संभावना है कि महाराष्ट्र फंडा लागू नहीं होगा। वित्त विभाग छत्तीसगढ़ की तरह 1.60 लाख रुपए मासिक देने पर सहमत हो सकता है। इस समय मुख्यमंत्री, मंत्री व विधायकों के वेतन भुगतान पर हर महीने करीब 2 करोड़ 75 लाख रुपए का खर्च आ रहा है।

    नौ साल बाद बढ़ा था वेतन

    विधायकों का वेतन-भत्ता 9 साल पहले बढ़ा था। वर्तमान में वेतन-भत्ता मिलाकर 1.10 लाख रुपए है। जबकि महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों में प्रदेश से कहीं अधिक मिल रहा है।

    मध्यप्रदेश में यह है वेतन-भत्ता

    वर्ष 2016 में विधायकों के वेतन, भत्तों में वृद्धि की गई थी। उनका कुल वेतन एक 1.10 लाख रुपए है। इसमें 30 हजार रुपए बेसिक सैलरी और 80 हजार रुपए मासिक भत्तों के रूप में मिलते हैं। 

    पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ाने की सिफारिश 

    उधर, पाटन विधायक अजय विश्नोई ने पूर्व विधायकों की पेंशन 35 हजार से अधिक बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि इलाज में ज्यादा खर्च होता है। संभावना है कि पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़कर 70 हजार रुपए तक हो सकती है।

    माह के अंत में तय करेंगे कितना वेतन-भत्ता मिलेगा

    उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का कहना है कि विधायक और पूर्व विधायकों के लिए वेतन-भत्ते तथा पेंशन देने के लिए समिति की दो बैठकें हो चुकी हैं। इस माह के आखिर में एक और बैठक होगी और संभवत: अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। विधानसभा सत्र के दौरान स्थिति साफ हो सकती है।

    मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मिलने वाला वेतन-भत्ता

    पद           छत्तीसगढ़    मध्यप्रदेश
    स्पीकर          1.95    1.83
    नेता प्रतिपक्ष  1.90    1.70
    मुख्यमंत्री       2.05    2.00
    मंत्री              1.90    1.70
    राज्य मंत्री      1.80    1.50
    विधायक        1.75    1.10
    पूर्व विधायक   58,300    35,000
    (राशि-लाख रुपए)

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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