
महू। मध्य प्रदेश के महू में भारत की चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के बाद निकले जुलूस के दौरान हिंसा भड़क गई। रविवार रात 10 बजे भारत की जीत के बाद 100 से अधिक लोग 40 से ज्यादा बाइक पर सवार होकर जुलूस निकाल रहे थे और “जय श्रीराम” के नारे लगा रहे थे। इसी दौरान जामा मस्जिद के पास आतिशबाजी को लेकर विवाद हुआ और मामला बढ़ते-बढ़ते पथराव तक पहुंच गया।
कैसे शुरू हुआ विवाद
जुलूस के दौरान जब जुलूस जामा मस्जिद के पास पहुंचा, तो वहां आतिशबाजी को लेकर कुछ लोगों के साथ विवाद हो गया। इसी बीच जुलूस में पीछे चल रहे पांच-छह लोगों को दूसरे गुट ने रोक लिया और उनके साथ मारपीट की। जब यह खबर जुलूस में आगे चल रहे लोगों को मिली तो उन्होंने भी पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ।
पथराव के बाद भड़की हिंसा
पथराव के बाद हिंसा और ज्यादा भड़क गई। गुस्साए लोगों ने पत्ती बाजार क्षेत्र में भी तोड़फोड़ शुरू कर दी। उन्होंने घरों और दुकानों के बाहर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाया। उपद्रवियों ने करीब 12 से अधिक बाइक और दो कारों में आग लगा दी। प्रेस क्लब के अध्यक्ष राधेलाल के घर में भी आग लगा दी गई।
पुलिस और सेना ने संभाला मोर्चा
स्थिति को काबू में करने के लिए महू में चार थानों के पुलिस बल को बुलाया गया। करीब 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद सेना की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी मौके पर पहुंची और इलाके में गश्त शुरू की। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद रात 1 बजे हालात काबू में आ सके।
DIG और कलेक्टर ने लिया जायजा
इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह और ग्रामीण DIG निमिष अग्रवाल रात करीब 1:30 बजे मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने शहर के अलग-अलग इलाकों में पैदल घूमकर शांति बहाल करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की।
CCTV फुटेज के आधार पर तलाश जारी
हिंसा फैलाने के आरोप में पुलिस ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है। पुलिस के मुताबिक, घटना के पीछे सोची-समझी साजिश भी हो सकती है, जिसकी जांच जारी है।
किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा
महू की घटना के बाद क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मंत्री ऊषा ठाकुर भी मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
अन्य शहरों में भी देखने को मिली हिंसा
हैदराबाद में पुलिस का लाठीचार्ज
तेलंगाना के हैदराबाद और करीमनगर में भी भारत की जीत के जश्न के दौरान पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने जश्न मना रही भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया।
नागपुर में पुलिस ने किया बल प्रयोग
महाराष्ट्र के नागपुर में भी भारत की जीत के बाद जश्न मना रही भीड़ अनियंत्रित हो गई। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और लाठीचार्ज करना पड़ा।
सहारनपुर में पुलिसकर्मी पर भीड़ का हमला
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में घंटाघर चौक पर बड़ी संख्या में लोग भारत की जीत का जश्न मना रहे थे। इसी दौरान जब पुलिस भीड़ को हटाने लगी तो एक पुलिस अधिकारी ने युवक के हाथ से तिरंगा छीन लिया। इस पर भीड़ भड़क गई और पुलिसकर्मी को घेर लिया। हालात बिगड़ते देख पुलिसकर्मी खुद को बचाने के लिए चौकी में छिप गया, लेकिन गुस्साए युवाओं ने चौकी को घेर लिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर
फिलहाल महू और अन्य संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और किसी भी तरह की अफवाहों से बचने को कहा है। पुलिस की टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
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