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--Bhopal, India

पवित्र शहरों में शराबबंदी का असर:सरकार की कमाई बढ़ी, मैहर-मंडला में ठेकों ने तोड़े रिकॉर्ड

पवित्र नगरों में शराबबंदी लागू होने के बाद सरकार के राजस्व पर असर पड़ने की बजाय उल्टा ठेकों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।
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सरकार की कमाई बढ़ी, मैहर-मंडला में ठेकों ने तोड़े रिकॉर्ड

संतोष चौधरी,भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 19 पवित्र शहरों में आध्यात्मिक माहौल बनाए रखने के लिए शराबबंदी लागू की लेकिन इसका एक दिलचस्प आर्थिक असर सामने आया है। इन शहरों के नगरीय क्षेत्रों में शराब की दुकानें बंद होने के बावजूद सरकार के राजस्व में कमी नहीं आई बल्कि संबंधित जिलों के अन्य क्षेत्रों में ठेकों की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है।

कैसे काम करता है यह मॉडल

सरकार ने 31 मार्च को कैबिनेट के जरिए 19 पवित्र शहरों के नगरीय क्षेत्रों में शराबबंदी लागू की थी। इस नीति के तहत इन क्षेत्रों में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई। जो राजस्व पहले इन शहरों से मिलता था उसे उसी जिले के ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के ठेकों में जोड़ दिया गया। इसका असर यह हुआ कि मांग पास के इलाकों में शिफ्ट हो गई और वहां ठेकों की कीमतें तेजी से बढ़ गई।

मैहर और मंडला में सबसे ज्यादा उछाल

रेवेन्यू के मामले में मैहर सबसे आगे रहा जहां इस साल शराब ठेके पिछले साल की तुलना में 61.02% महंगे बिके। इसके बाद मंडला में 51.92% की वृद्धि दर्ज की गई। निवाड़ी जिले में भी 41.96% का उछाल देखने को मिला जहां भगवान राम राजा की नगरी ओरछा स्थित है। पवित्र नगरों से जुड़े कई अन्य जिलों में भी शराब ठेकों की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है।

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उज्जैन और मंदसौर बने अपवाद

जहां ज्यादातर जिलों में बढ़ोतरी देखी गई वहीं उज्जैन और मंदसौर इस ट्रेंड से अलग रहे। उज्जैन में सिर्फ 0.88% की मामूली बढ़ोतरी हुई वहीं मंदसौर में 0.90% की गिरावट दर्ज की गई।

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क्या कहता है पूरा ट्रेंड

इस पूरे आंकड़े से साफ है कि शराबबंदी के बावजूद खपत पूरी तरह खत्म नहीं हुई बल्कि उसका स्वरूप बदल गया है। पवित्र शहरों से बाहर मांग बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में ठेकों की कीमतें बढ़ीं और सरकार का रेवेन्यू भी मजबूत बना रहा। यानी धार्मिक शहरों में प्रतिबंध के बावजूद आर्थिक मॉडल ने सरकार को नुकसान नहीं होने दिया बल्कि कई जगह कमाई और बढ़ गई।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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