रायपुर:गांजा तस्कर पर शिकंजा, रवि साहू की 7.50 करोड़ की संपत्ति सीज करने की तैयारी; SAFEMA कोर्ट में आवेदन

रायपुर। रवि साहू की करीब 7.50 करोड़ की संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। मामला SAFEMA कोर्ट मुंबई में भेजा गया है, जहां 5 मई को सुनवाई होगी। आरोपी के खिलाफ 55 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
7.50 करोड़ की संपत्ति होगी सीज
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने रवि साहू की करीब 7.50 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसको लेकर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर SAFEMA कोर्ट, मुंबई भेजा गया है। पुलिस ने उसकी चल और अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा जुटाया है। इसमें मकान, जमीन और अन्य निवेश शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। कोर्ट से आदेश मिलने के बाद संपत्ति जब्ती की कार्रवाई शुरू होगी। इस कदम से तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है।
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सफेमा एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई SAFEMA एक्ट के तहत की जा रही है, जो अवैध संपत्ति जब्त करने के लिए लागू होता है। पुलिस ने आरोपी की संपत्ति के सोर्स की जांच कर रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया गया है। सफेमा कानून के तहत तस्करी से अर्जित संपत्ति को जब्त किया जा सकता है। इस मामले में पुलिस ने मजबूत साक्ष्य जुटाने का दावा किया है। 5 मई को कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी। इसके बाद आगे की दिशा तय होगी।
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55 से ज्यादा मामलों का आरोपी
बता दें कि रवि साहू के खिलाफ 55 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें NDPS एक्ट, मारपीट, अवैध वसूली और धमकी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस के अनुसार उसने गांजा तस्करी के जरिए करोड़ों रुपए की अवैध संपत्ति बनाई है। लंबे समय से वह पुलिस के रडार पर था। कई मामलों में उसकी संलिप्तता सामने आ चुकी है। अब पुलिस ने उसके आर्थिक नेटवर्क को भी निशाने पर लिया है। इससे उसके पूरे नेटवर्क को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
NDPS मामलों में पहली बड़ी आर्थिक कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रायपुर कमिश्नरेट में NDPS एक्ट के तहत इस तरह की यह पहली बड़ी आर्थिक कार्रवाई है। इससे पहले केवल गिरफ्तारी और माल जब्ती तक ही कार्रवाई सीमित रहती थी। अब तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। कोर्ट के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।












