MP में जूनियर डॉक्टरों को बड़ी राहत :हड़ताल के बाद सरकार ने बढ़ाया स्टाइपेंड, PG फर्स्ट ईयर को मिलेंगे 77,662 रुपये

मध्य प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले जूनियर डॉक्टरों, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ा दिया है। CPI के आधार पर PG फर्स्ट ईयर को 77,662 रुपये और सीनियर रेजिडेंट को 90,803 रुपये मिलेंगे। यह फैसला जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल और स्टाइपेंड संशोधन की मांग के बाद लिया गया है।
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हड़ताल के बाद सरकार ने बढ़ाया स्टाइपेंड, PG फर्स्ट ईयर को मिलेंगे 77,662 रुपये
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के निर्देश के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नया आदेश जारी किया है। यह संशोधित स्टाइपेंड 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा।

    CPI के आधार पर बढ़ाया स्टाइपेंड

    सरकार ने कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) 2.94 के आधार पर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है। इस फैसले से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और सेवा देने वाले PG छात्र, इंटर्न, जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को फायदा होगा।

    PG डॉक्टरों को कितना मिलेगा स्टाइपेंड?

    नए आदेश के अनुसार-

    PG फर्स्ट ईयर: 75,444 रुपये से बढ़कर 77,662 रुपये

    PG सेकेंड ईयर: 77,764 रुपये से बढ़कर 80,050 रुपये

    PG थर्ड ईयर: 80,086 रुपये से बढ़कर 82,441 रुपये

    इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों को भी फायदा

    • इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 13,928 रुपये से बढ़कर 14,337 रुपये हो गया है।
    • सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये कर दिया गया है।
    • जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये तय किया गया है।

    सरकार ने जूनियर डॉक्टरों की भूमिका बताई अहम

    डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों में वे मरीजों को लगातार स्वास्थ्य सेवाएं देने में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

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    हड़ताल के बाद लिया गया फैसला

    स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टरों में लंबे समय से नाराजगी थी। Junior Doctors Association (JDA) के नेतृत्व में डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया था। 9 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहे। बाद में डिप्टी सीएम और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के साथ बैठक के बाद हड़ताल को 16 मार्च तक स्थगित कर दिया गया।

    Breaking News

    हड़ताल से अस्पताल सेवाएं हुईं प्रभावित

    जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का असर गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल सहित कई अस्पतालों में देखने को मिला। कई विभागों की सेवाएं प्रभावित रहीं और मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। हमीदिया अस्पताल में 9 मार्च को 20 से ज्यादा ऑपरेशन भी टालने पड़े थे।

    काली पट्टी लगाकर किया था विरोध

    जूनियर डॉक्टरों ने 6 से 9 मार्च तक काली पट्टी लगाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में डीन और विभागाध्यक्षों को ज्ञापन भी सौंपा। हालांकि, डॉक्टरों ने आपातकालीन सेवाएं जारी रखीं, लेकिन ओपीडी और अन्य नियमित सेवाओं का बहिष्कार किया गया था।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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