₹10 की पार्किंग, मांगे ₹50! जबलपुर मेडिकल कॉलेज में विवाद के बाद मारपीट की कोशिश

मरीज का हाल जानने अस्पताल पहुंचे परिजनों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में पार्किंग शुल्क को लेकर इतना बड़ा विवाद खड़ा हो जाएगा। जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में वाहन पार्किंग को लेकर परिजनों और कर्मचारी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि निर्धारित शुल्क से ज्यादा रकम मांगी गई और ऑनलाइन भुगतान करने की बात पर भी विवाद बढ़ गया। मामला इतना बढ़ा कि अभद्रता और मारपीट की कोशिश के आरोप सामने आए। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।
₹10 की जगह ₹50 मांगने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, मरीज का हाल जानने पहुंचे एक परिजन ने अपना वाहन मेडिकल कॉलेज के पार्किंग स्टैंड में खड़ा किया था। आरोप है कि वहां कर्मचारी ने तय 10 रुपए की जगह 50 रुपए की मांग की। परिजन ने जब UPI से भुगतान करने की बात कही तो कर्मचारी ने कथित तौर पर ऑनलाइन पेमेंट लेने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
बहस बढ़ी तो अभद्रता के आरोप
बताया जा रहा है कि कुछ ही देर में विवाद काफी बढ़ गया। परिजनों का आरोप है कि स्टैंड कर्मचारी पिपुल विश्वकर्मा ने युवक और उसके साथ मौजूद महिला से अभद्रता की। युवक की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि कर्मचारी ने बाइक से उतरकर उसके साथ मारपीट करने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पार्किंग स्टैंड के पास विवाद और गाली-गलौज जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
VIDEO वायरल होने के बाद हरकत में आया प्रबंधन
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी गई है। साथ ही पार्किंग स्टैंड संचालक से भी पूछताछ की जा रही है। प्रबंधन का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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अब जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष के आरोपों की पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है। पार्किंग शुल्क कितना मांगा गया था, UPI भुगतान को लेकर वास्तव में क्या हुआ और विवाद के दौरान किसकी क्या भूमिका रही, इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही साफ होगा। मेडिकल कॉलेज जैसी जगह पर पार्किंग व्यवस्था को लेकर हुए इस विवाद ने मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा से जुड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं।



















