बिस्तर पर लेटकर हॉफ पैंट में वर्चुअल सुनवाई में शामिल हुए TNCP के ज्वाइंट डायरेक्टर, हाईकोर्ट ने जारी किया शोकॉज नोटिस

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNCP) के ज्वाइंट डायरेक्टर अमित कुमार गजभिए के वर्चुअल सुनवाई में शामिल होने के तरीके पर कड़ी नाराजगी जताई है। सुनवाई के दौरान गजभिए बिस्तर पर लेटे हुए हॉफ पैंट में नजर आए। अदालत ने इसे न्यायालय की गरिमा और अनुशासन के विपरीत माना। जस्टिस दीपक खोत की सिंगल बेंच ने उन्हें शोकॉज नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।
कोर्ट ने पूछा- क्यों न की जाए अवमानना की कार्रवाई?
यह मामला जबलपुर की जीएसबी कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। इस मामले में हाईकोर्ट ने TNCP से प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान ज्वाइंट डायरेक्टर अमित कुमार गजभिए वर्चुअल माध्यम से बिस्तर पर लेटे हुए हॉफ पैंट में शामिल हुए।गजभिए के इस रवैये पर अदालत ने कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने उन्हें शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।
सरकार ने दिया विभागीय कार्रवाई का भरोसा
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को भरोसा दिया गया कि अमित कुमार गजभिए के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अदालत ने मामले में आगे की प्रक्रिया के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की।
MP हाईकोर्ट में जमानत अर्जियों की पेंडेंसी घटाने की तैयारी, 7 सीनियर जजों की बेंच गठित
प्रगति रिपोर्ट पर भी कोर्ट ने जताई नाराजगी
मामले में TNCP की ओर से पेश की गई प्रगति रिपोर्ट पर भी हाईकोर्ट ने असंतोष जताया। अदालत ने रिपोर्ट को महज औपचारिकता करार देते हुए याचिकाकर्ता के आवेदन पर नए सिरे से निर्णय लेने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय और साकेत उपाध्याय उपस्थित रहे। वहीं, राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने पक्ष रखा।




















