मध्य प्रदेश में पेड़ों की कटाई पर अब ग्रीन बेंच करेगी सुनवाई, हाईकोर्ट ने दिया बड़ा निर्देश

जबलपुर। मध्य प्रदेश में पेड़ों की कटाई पर लगी रोक से जुड़े अहम मामले की सुनवाई अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्रीन बेंच करेगी। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने कहा कि यह मामला पर्यावरण से जुड़ा है। इसलिए इसकी आगे की सुनवाई उस बेंच के सामने होगी, जिसे पर्यावरण मामलों की सुनवाई का रोस्टर सौंपा गया है। अदालत ने निर्देश दिया कि अब इस जनहित याचिका को न्यायमूर्ति आनंद पाठक की अध्यक्षता वाली ग्रीन बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।
भोपाल-भोजपुर सड़क चौड़ीकरण से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला भोपाल-भोजपुर मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान 488 पेड़ों की कटाई से जुड़ा है। इस मामले पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की थी। अदालत ने पर्यावरण संरक्षण को गंभीर विषय मानते हुए इस मामले की निगरानी शुरू की थी।
हाईकोर्ट पहले ही लगा चुका है रोक
इस मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे मध्य प्रदेश में पेड़ों की कटाई और उनकी छंटाई पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसी दौरान अदालत ने मामले की निष्पक्ष पैरवी और पर्यावरण संबंधी पहलुओं पर सहायता के लिए अधिवक्ता अमल पुष्प श्रोती को अदालत मित्र (एमिकस क्यूरी) भी नियुक्त किया था।
अब ग्रीन बेंच में होगी आगे की सुनवाई
मंगलवार की सुनवाई में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण से जुड़े मामलों का रोस्टर पहले से ही न्यायमूर्ति आनंद पाठक की अध्यक्षता वाली ग्रीन बेंच के पास है। इसलिए अब यही बेंच इस मामले की आगे की सुनवाई करेगी और भविष्य में पेड़ों की कटाई से जुड़े सभी पहलुओं पर निर्णय लेगी।












