जबलपुर :मप्र हाईकोर्ट ने पूछा…विधायक रीति पाठक के यहां शिक्षक को क्यों बनाया बाबू?

जबलपुर। सीधी जिले के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को विधायक रीति पाठक के यहां बाबू का काम सौंपे जाने पर मप्र हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार व अन्य से जवाब तलब किया है। याचिका में राहत चाही गई है कि बाबू बनाए गए शिक्षक को वापस स्कूल भेजा जाए, ताकि वो बच्चों को पढ़ा सकें। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने अनावेदकों को चार सप्ताह में जवाब पेश करने कहा है।
गांव की सरपंच ने लगाई याचिका
यह जनहित याचिका सीधी जिले की गोपद बनास तहसील की ग्राम पंचायत चौफल कोठर की सरपंच शोभा यादव की ओर से दाखिल की गई है। आवेदक का कहना है कि गांव के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में हीरालाल यादव, माध्यमिक शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। सीधी के जिला कलेक्टर ने 30 दिसंबर 2023 को उनकी नियुक्ति विधायक रीति पाठक के यहां लिपिकीय कार्य करने की थी। इसके बाद 23 अप्रैल 2023 को सीधी के जिला शिक्षा अधिकारी और फिर स्कूल के प्राचार्य ने भी हीरालाल यादव को वापस स्कूल में उपस्थित होने कहा था। इसके बाद भी वे वापस स्कूल नहीं लौट रहे, जिससे स्कूल के छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।
पहले कलेक्टर फिर अपर कलेक्टर के आदेश पर पोस्टिंग
मामले पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह हाजिर हुए। सिंह ने डिवीजन बेंच को बताया कि शिक्षक हीरालाल यादव को पहले कलेक्टर के आदेश पर विधायक के यहां पदस्थ किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें हटा दिया गया। इसके बाद अपर कलेक्टर के आदेश पर फिर से उनको वहीं पदस्थ कर दिया गया, जो अवैधानिक है।
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