मप्र में अब 'Gen-Z डाकघर' का कॉन्सेप्ट, कॉफी मशीन, गिटार और शतरंज-कैरम की सुविधा भी

भोपाल। मध्यप्रदेश में डाक विभाग ने युवाओं को आकर्षित करने और डाक सेवाओं से जोड़ने के लिए अनूठे 'जेन-जी डाकघर'...नेक्स्ट-जेनरेशन स्पेस तैयार किए हैं। डाकघरों की पुरानी छबि बदलते हुए उन्हें हाईटेक और कलरफुल लुक दिया जा रहा है। नई पीढ़ी को 'डिजिटल डिटॉक्स' का माहौल देने डाकघरों में शतरंज-कैरम , कॉफी मशीन और गिटार जैसे संगीत वाद्य भी उपलब्ध कराए गए हैं।
युवाओं को पत्र लिखने के लिए प्रेरित कर रहे
डाक विभाग के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल विनीत माथुर ने बताया कि पोस्ट ऑफिसों का मॉडर्नाइजेशन भी हो रहा है। युवाओं को चिट्ठी-पत्री लिखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्हें अच्छा माहौल देने के लिए पोस्ट ऑफिस में आरामदायक कुर्सियां, सोफे, किताबें-मैगजीन और कॉफी मशीन जैसी सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। आईआईटी इंदौर, देवी अहिल्या विवि, मैनिट और सतना में ये डाकघर लोकप्रिय हो चुके हैं। गुना-शिवपुरी में भी अपडेशन का काम हो रहा है।
'एक डाक नेटवर्क अनंत संभावनाएं' थीम
इस वर्ष की थीम 'एक डाक नेटवर्क अनंत संभावनाएं' हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने डाक सेवा ऐप, डाक मित्र ऐप, डिजिटल साथी और नेक्स्ट जेन पोस्ट ऑफिस जैसी सुविधाओं का ब्यौरा भी दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी 25 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों के बतौर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें सीधी, मुरैना और श्योपुर में भी जल्दी ही यह सेवा शुरू होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 हजार 230 पोस्ट ऑफिस में 27 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हमारा सबसे बड़ा नेटवर्क है।
दो करोड़ खातों में 83 हजार 611 करोड़ रुपए जमा
मप्र में सुकन्या समृद्दि योजना में अब तक 31 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं। इनमें 9669 करोड़ रुपए जमा कराए गए हैं। 85 लाख लोग इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। करीब 2 करोड़ खातों में पब्लिक का 83 हजार 611 करोड़ रुपए जमा है। आधार कार्ड अपडेशन के लिए 468 सेवा केंद्र काम कर रहे हैं। विभाग की स्पीड पोस्ट और पार्सल सुविधाएं सर्वाधिक लोकप्रिय हैं।




















