दमोह की सड़कों पर लापरवाही का 'स्पीड ब्रेकर' गायब! ओवरलोडिंग और पार्किंग से बढ़ रहा हादसों का खतरा

मध्य प्रदेश के दमोह जिले में सड़कों पर बढ़ती लापरवाही लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। कहीं वाहनों में क्षमता से ज्यादा सवारियां बैठाई जा रही हैं, तो कहीं मालवाहक गाड़ियों में लोगों को सफर कराया जा रहा है। कई जगह सड़क किनारे खड़े वाहन यातायात में रुकावट पैदा कर रहे हैं। जिले के अलग-अलग मार्गों पर आए दिन सड़क हादसों की खबरें सामने आती हैं। इसके बावजूद यातायात नियमों को लेकर लोगों में गंभीरता की कमी दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर दमोह की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे?
जागरूकता अभियान के बाद भी नहीं सुधर रहे हालात
दमोह में यातायात पुलिस समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाती है। वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद कई लोग नियमों को नजरअंदाज करते नजर आते हैं। सड़क हादसों में वाहनों की टक्कर और अनियंत्रित होकर गिरने जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में सिर्फ जागरूकता अभियान चलाना काफी नहीं है। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए नियमित निगरानी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी जरूरी है।
यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग बढ़ा रही खतरा
जिले में यात्री वाहनों में निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोगों को बैठाना चिंता का विषय बना हुआ है। कई बार मालवाहक वाहनों में भी यात्रियों को ले जाया जाता है। इस तरह की लापरवाही से सड़क हादसों का खतरा बढ़ सकता है। क्षमता से ज्यादा भार होने पर वाहन को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा कुछ यात्री वाहनों में निर्माण सामग्री भी ढोई जा रही है, जो दूसरे वाहन चालकों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है।
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लोहे की सरिया बन सकती है जानलेवा
दमोह की सड़कों पर निर्माण सामग्री के असुरक्षित परिवहन का मुद्दा भी सामने आया है। कई बार वाहनों में लंबी लोहे की सरिया और दूसरी निर्माण सामग्री इस तरह रखी जाती है कि वह गाड़ी से बाहर निकलती रहती है। ऐसे वाहनों के आसपास चलने वाले दोपहिया चालकों और पैदल यात्रियों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। निर्माण सामग्री बेचने वाले दुकानदारों और खरीदने वाले ग्राहकों को भी सही वाहन का इस्तेमाल सुनिश्चित करना चाहिए।
सड़क किनारे पार्किंग से लग रहा जाम
दमोह के बाजारों और व्यस्त सड़कों पर गलत पार्किंग भी बड़ी समस्या बनती जा रही है। दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर ग्राहक अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और दूसरे वाहनों को निकलने में परेशानी होती है। खासकर बाजारों में आमने-सामने से आने वाले वाहनों और पैदल चलने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कत हो सकती है।
सिर्फ पुलिस नहीं, आम लोगों की भी जिम्मेदारी
सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल यातायात पुलिस की नहीं है। वाहन चालकों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भी नियमों का पालन करना होगा। जरूरी है कि ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई हो, बाजारों में पार्किंग की उचित व्यवस्था बनाई जाए और मालवाहक तथा यात्री वाहनों का इस्तेमाल तय नियमों के अनुसार किया जाए। लोगों को यह समझना होगा कि सड़क सभी के आने-जाने के लिए है, निजी पार्किंग के लिए नहीं। अगर समय रहते यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाए, तो दमोह में सड़क हादसों का खतरा कम करने के साथ लोगों का सफर भी आसान बनाया जा सकता है।




















