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MP Cabinet :भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए 13,565.84 करोड़ रुपए मंजूर, मंडी शुल्क बढ़ाया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 13,565 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने मंडी शुल्क एक प्रतिशत से बढ़कार डेढ़ प्रतिशत करने का निर्णय भी लिया है। इससे सरकार को करीब 500 करोड़ रुपए की आमदनी होने की संभावना है।
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भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए 13,565.84 करोड़ रुपए मंजूर, मंडी शुल्क बढ़ाया

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपए की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई।

आईटी के लिए 235 करोड़ 63 लाख मंजूर

इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है।

कपास पर मंडी फीस 0.5% की

कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए मंत्रि-परिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रुपए से बढ़ाकर 1.50 रुपए किया गया है। शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रूपए की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए MPSCSC और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपए की निःशुल्क शासकीय सिक्योरिटी देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है। यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे।

मेट्रो प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए 10,033 करोड़ स्वीकृत

कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रु. की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रु. के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रु. की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रु. की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रु. का अतिरिक्त PTA/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रु. का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रु. एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रु. का अतिरिक्त अनुदान शामिल है।

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इन्फर्मेशन टेक्नोलॉजी के लिए 55 करोड़ 43 लाख स्वीकृत

मंत्रि-परिषद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना से VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जाएगी।

सिविल सप्लाई और मार्कफेड को 8600 करोड़

कैबिनेट ने एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रु. की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है। आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूँ उपार्जन और इसके बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों के उपार्जन के दृष्टिगत विभिन्न बैंकों (शेडयूल्ड/राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक), नाबार्ड, एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिए वर्तमान जारी वित्त व्यवस्थाओं की निरंतरता के लिए और आरबीआई अपेक्षा के अनुक्रम में ज्यादा ब्याज दर वाली खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान आदि परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए एमपी स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. एवं मार्कफेड को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की द्वय खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रु. की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है। निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति में से समय समय पर MPSCSC और मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार खादय विभाग म.प्र. शासन को प्रदान किए गए है। इसके अलावा एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रु. की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई गई है। शासकीय प्रत्याभूति से उपलब्ध राशि के अलावा बाकी राशि की वित्त व्यवस्था ज्यादा ब्याज दर वाली आरबीआई द्वारा राज्य शासन को प्रदत्त खाद्यान्न साख सीमा से की जाएगी।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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