हेमंत खंडेलवाल ने गठित की BJP भवन निर्माण समिति, उमाशंकर गुप्ता समेत 7 नेताओं को मिली जगह

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी भवन निर्माण एवं भवन सुदृढ़ीकरण समिति के लिए नई नियुक्तियों की घोषणा की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा गठित इस समिति में वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता को संयोजक बनाया गया है, जबकि प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन ने 13 अक्टूबर 2026 को नियुक्तियों का आधिकारिक आदेश जारी किया। इस समिति में कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया गया है। अब समिति संगठन के भवन निर्माण और मौजूदा कार्यालयों को मजबूत बनाने से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाएगी।
उमाशंकर गुप्ता को मिली अहम जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश भाजपा ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए भवन निर्माण एवं भवन सुदृढ़ीकरण समिति में पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। इस समिति की घोषणा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 12 मई 2026 को की थी। इसके बाद 13 अक्टूबर 2026 को नियुक्तियों से संबंधित आधिकारिक आदेश जारी किया गया। इस समिति में पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता को संयोजक बनाया गया है। वहीं, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन को सचिव नियुक्त किया गया है। दोनों नेताओं को समिति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
BJP भवन निर्माण समिति में किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी?
पार्टी की ओर से जारी नियुक्ति आदेश के अनुसार समिति में शामिल पदाधिकारियों की सूची इस प्रकार है:
- उमाशंकर गुप्ता: संयोजक
- अखिलेश जैन: सचिव
- श्याम महाजन: सदस्य
- शैलेंद्र बरुआ: सदस्य
- राहुल कोठारी: सदस्य
- जीतू जिराती: सदस्य
- गौरव गर्ग: सदस्य
इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने भवन निर्माण और संगठनात्मक कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कामों के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों की टीम तय की है।
हेमंत खंडेलवाल ने किया था समिति का गठन
मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 12 मई 2026 को भवन निर्माण एवं भवन सुदृढ़ीकरण समिति के गठन की घोषणा की थी। अब कई महीने बाद, 13 अक्टूबर को समिति के पदाधिकारियों की नियुक्तियों का आदेश जारी किया गया है। आदेश प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन की ओर से जारी किया गया। इसके साथ ही समिति में शामिल नेताओं की जिम्मेदारियां स्पष्ट हो गई हैं। नियुक्तियों के बाद संगठन के भवनों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए समिति को औपचारिक रूप मिल गया है।



















