भोपाल। मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा बदलाव आने वाला है। राज्य सरकार ने आने वाले दो वर्षों में ऐसा प्लान तैयार किया है, जिससे प्रदेश की एयर कनेक्टिविटी नई ऊंचाई पर पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया है कि उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण तेजी से चल रहा है और तय समयसीमा में पूरा कर लिया जाएगा। इन दोनों एयरपोर्ट के शुरू होते ही मध्यप्रदेश में हवाई अड्डों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। यह कदम न सिर्फ यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई रफ्तार देगा। इंदौर में हुए एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के एविएशन सेक्टर से जुड़े कई बड़े प्लान भी साझा किए।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट निर्माण का काम शुरू हो चुका है और इसे अगले दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन दोनों शहरों का चयन रणनीतिक रूप से किया गया है। उज्जैन धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र है, वहीं शिवपुरी पर्यटन और प्राकृतिक स्थलों के लिए जाना जाता है। एयरपोर्ट बनने से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।
फिलहाल मध्यप्रदेश में 8 एयरपोर्ट संचालित हैं। जैसे ही उज्जैन और शिवपुरी के एयरपोर्ट तैयार होंगे, यह संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। यह वृद्धि राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ छोटे शहरों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ने में मदद करेगी।
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यह घोषणा इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डा पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई। इस मौके पर एयरपोर्ट के नवीनीकृत टर्मिनल भवन, यात्री कैफे और अन्य आधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू भी वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
अधिकारियों के मुताबिक, इंदौर एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल भवन का करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया गया है। इस नए रूप में तैयार टर्मिनल को ‘टी-1’ नाम दिया गया है। इसके साथ ही एयरपोर्ट पर अब दो टर्मिनल भवन हो गए हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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नई सुविधाओं के शुरू होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता बढ़कर करीब 50 लाख हो गई है। फिलहाल इस एयरपोर्ट से रोजाना 100 से ज्यादा उड़ानों का संचालन होता है, जिनमें नियमित और विशेष उड़ानें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार छोटे शहरों को भी हवाई सेवा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। शहडोल, नीमच , छिंदवाड़ा, और मंडला की हवाई पट्टियों को अपग्रेड कर एयरपोर्ट बनाने की योजना है। यह काम क्षेत्रीय संपर्क योजना (Regional Connectivity Scheme) के तहत किया जाएगा, जिससे छोटे शहरों को भी बड़े शहरों से जोड़ा जा सके।
राज्य सरकार ने एक और बड़ा लक्ष्य तय किया है। इसके तहत हर 145 किलोमीटर के दायरे में एक हवाई पट्टी विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 8 एयरपोर्ट के अलावा 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड मौजूद हैं। यह नेटवर्क पहले से ही मजबूत है, लेकिन सरकार इसे और विस्तार देने की दिशा में लगातार काम कर रही है।