Officers Of MP :मप्र में ढाई साल में 800 IAS अफसर इधर से उधर, डॉ. मोहन सरकार में कई IAS बार-बार बदले गए तो कई बचे रहे

पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में कई आईएएस बार-बार बदले गए। सबसे ज्यादा तबादले और प्रभार बदलने वालों में प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल और संजीव कुमार झा और संजय कुमार शुक्ला हैं। पोरवाल जितने बार भी बदले गए, उन्हें हर बार प्रमुख विभाग मिले। वहीं एसीएस शिवशेखर शुक्ला ऐसे अफसर हैं जो डॉ. यादव के पहले से संस्कृति विभाग संभाल रहे हैं। ढाई साल में करीब आठ सौ तबादले और प्रभार बदले गए हैं।
वर्षवार तबादलों की स्थिति
वर्ष तबादलों की संख्या
दिसंबर 2023 32
2024 395
2025 211
2026 137
कुल 775
(इसमें बार-बार विभागों का बदलना, अतिरिक्त प्रभार, केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाना आदि शामिल है)
ऐसे आईएएस जो बार-बार प्रभावित हुए
प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल

9 दिसंबर 2023 को पहला आदेश हुआ। सचिव सीएम के साथ आयुक्त जनसंपर्क का अतिरिक्त प्रभार मिला। प्रमुख राजस्व आयुक्त बने, पीएस स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग मिला, फिर राजस्व विभाग भेजा गया। तकनीकी शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार मिला। यही विभाग वापस लिया। 17 जून 2026 को खनिज विभाग मिला।
एसीएस संजय शुक्ला

28 जनवरी 2024 को राज्यभवन भेजे गए। पीएस महिला एवं बाल विकास बने, आर्थिक सांख्यकीय फिर विमानन का प्रभार मिला। नगरीय विकास भेजा गया। नगरीय विकास से जीएडी की जिम्मेदारी दी गई। योजना आर्थिक सांख्यकीय विभाग वापस लिया। 6 मई 2026 को जीएडी से गृह विभाग का एसीएस बनाया गया।
प्रमुख सचिव संजीव कुमार झा

धर्मस्व विभाग से आनंद विभाग का पीएस बनाया गया। जेल का अतिरिक्त प्रभार मिला। आनंद से चंबल संभाग का आयुक्त बनाया गया। कुछ माह बाद चंबल संभाग से राजस्व मंडल ग्वालियर भेजा गया। 1 जुलाई 25 को राजस्व मंडल ग्वालियर से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल पदस्थ।
ढाई साल में सबसे कम प्रभावित होने वाले IAS
एसीएस शिवशेखर शुक्ला

पांच साल से संस्कृति विभाग। पर्यटन विभाग अब बदला। गृह और जेल के अतिरिक्त प्रभार मिले। अब सामान्य प्रशासन विभाग भी दिया गया है।
अपर प्रमुख सचिव अनिरुद्ध मुकर्जी: लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग घूम फिर कर फिर मिलता आ रहा है।
अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन

अगस्त 2024 में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा बने। प्रमोशन मिलने के बाद भी यही विभाग है।
अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी: पंचायत एवं ग्रामीण विकास को ढाई साल पूरे होने वाले हैं। सहकारिता एवं महिला एवं बाल विकास विभाग थे।
सचिव लोकेश कुमार जाटव

इंदौर से आने के बाद आयुक्त खाद्य बने। यहां से वित्त विभाग में जमें हैं। सचिव वित्त की जिम्मेदारी संभालते दो साल से ज्यादा समय हो गया।
एमडी बीएस कोलसानी: शिवराज सिंह के समय से एमडी जल जीवन मिशन हैं।
ये अफसर कम प्रभावित हुए
एसीएस डॉ. राजेश राजौरा जल संसाधन, प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह उद्योग, गुलशन बामरा जनजातीय कार्य, प्रमुख सचिव अमित राठौर वाणिज्यिक कर, सचिव संजय गोयल स्कूल शिक्षा, अपर सचिव चंद्रशेखर वालिंबे, उप सचिव भारती ओगरे, सरिता बाला प्रजापति, दिलीप कुमार, विनय निगम, दिनेश श्रीवास्तव, अमनबीर सिंह, कैलाश वानखेड़े, अमर बहादुर सिंह, पवन कुमार
कम से कम 3 साल पूरे हों

मंत्रालय में चाहे उप सचिव या अन्य अधिकारी हों या फिर फील्ड में कलेक्टर और दूसरे अधिकारी हों। अगर किसी को बार-बार बदला जाएगा तो वह न विभाग को समझ पाएगा और न स्थान को। होना यही चाहिए कि किसी की पोस्टिंग तीन साल से कम और पांच साल से अधिक नहीं होना चाहिए।
शरदचंद बेहार, पूर्व मुख्य सचिव












