MP Weather Update: मध्य प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 5 जिलों में आंधी का अलर्ट; रात में बढ़ेगी ठंड

मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी आंधी और बारिश का दौर जारी है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। वहीं, रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 24 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसका असर 2 से 3 दिन बाद प्रदेश में दिखाई देने की संभावना है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। दूसरी ओर, प्रदेश के कई जिलों में दिन के समय तेज धूप खिलने का अनुमान है।
MP Weather Forecast: 23 से 26 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक धूप और बादलों का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।
23 अक्टूबर: भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में धूप खिलने का अनुमान है। वहीं, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
24 अक्टूबर: मौसम पूर्वानुमान में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर समेत प्रदेश के सभी जिलों में धूप खिलने की संभावना है। हालांकि, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
25 अक्टूबर: प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज धूप खिलने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के जिलों में भी धूप रहने की संभावना है।
26 अक्टूबर: मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप खिल सकती है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव और कुछ इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
24 अक्टूबर से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार, 24 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसका असर प्रदेश में दो से तीन दिन बाद दिखाई दे सकता है। फिलहाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण कई जिलों में आंधी और बारिश हो रही है। गुरुवार को इंदौर, बड़वानी, धार और उज्जैन संभाग के देवास जिले में बारिश दर्ज की गई। देवास के उदयनगर में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में दिनभर तेज धूप रही, जबकि शाम को बादल छा गए।
रात का तापमान 14 डिग्री से नीचे पहुंचा
प्रदेश में अब रात के तापमान में गिरावट आने लगी है। बीती रात इस सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। कटनी के करौंदी में सबसे कम 13.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इसके अलावा अमरकंटक में 14.5 डिग्री, रीवा में 15 डिग्री, उमरिया में 15.4 डिग्री और शहडोल के कल्याणपुर में 15.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। इंदौर और टीकमगढ़ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है। इससे सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।
अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश और ठंड के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। नए मौसम सिस्टम का असर खासतौर पर उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिखाई देने की संभावना है। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट हो सकती है। यानी प्रदेश में दिन के समय धूप और रात में ठंड का असर बढ़ सकता है। हालांकि, बारिश और तापमान में बदलाव का असर अलग-अलग जिलों में अलग हो सकता है।
3 अक्टूबर को विदा हो चुका है मानसून
मध्य प्रदेश से मानसून 3 अक्टूबर को ही विदा हो गया था। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून की वापसी हो गई थी। इसके बावजूद मौसम में सक्रिय सिस्टम के कारण बारिश का दौर जारी है। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला है। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 10 साल के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला ट्रेंड देखा गया है। इस बार भी मौसम का ऐसा ही मिजाज बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने के साथ तेज धूप निकली, जबकि रात में ठंडक रही और कई जिलों में बारिश भी हुई। इस बार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।
मध्य प्रदेश में सामान्य से 4% कम बारिश
जून से सितंबर तक चले दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच से लगभग 1.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के आंकड़ों में पूर्वी हिस्से में कुल बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा रही। इसके बावजूद बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।
इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। दूसरी ओर, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।
जून में कम बारिश से बिगड़ा पूरा आंकड़ा
मौसम विभाग के अनुसार, जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश के कारण आंकड़े में सुधार हुआ, लेकिन इसके बाद मानसून दो बार कमजोर पड़ा और कई दिनों तक बारिश नहीं हुई। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का कोटा पूरा होने के बावजूद जून की कमी की भरपाई नहीं हो सकी। यही वजह है कि पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। मध्य प्रदेश में मानसून सीजन की सामान्य बारिश लगभग 37.3 इंच है।



















