छत्तीसगढ़ RSS में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी! रायपुर-बिलासपुर में बंट सकता है प्रांत, मोहन भागवत आज लेंगे अहम बैठक

रायपुर/ बिलासपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के छत्तीसगढ़ दौरे के बीच संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं तेज हैं। 22 और 23 अक्टूबर को बिलासपुर प्रवास के दौरान वे संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे। 23 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रांत कार्यकारिणी की बैठक में छत्तीसगढ़ के मौजूदा संगठनात्मक ढांचे में बदलाव, प्रांत को रायपुर और बिलासपुर में विभाजित करने तथा नए पदों के गठन जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
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RSS के ढांचे में बदलाव क्यों है चर्चा में?
संघ से जुड़े लोगों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में संगठन के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रांत के पुनर्गठन की संभावना पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित योजना के तहत रायपुर और बिलासपुर को अलग-अलग संगठनात्मक इकाइयों के रूप में विकसित किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
11 विभागों का हो सकता है बंटवारा
फिलहाल छत्तीसगढ़ प्रांत में संघ के 11 विभाग बताए जा रहे हैं। संभावित पुनर्गठन के तहत इनमें से छह विभाग रायपुर और पांच विभाग बिलासपुर क्षेत्र के अंतर्गत रखे जा सकते हैं। इससे संगठनात्मक जिम्मेदारियों का विकेंद्रीकरण करने और स्थानीय स्तर पर गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की संभावना है। इस बदलाव के साथ वर्तमान प्रांत प्रमुख के पद की व्यवस्था में परिवर्तन और कुछ नए संगठनात्मक पदों के गठन पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, पदों को समाप्त करने या नई व्यवस्था लागू करने के संबंध में अंतिम फैसला संगठन के स्तर पर ही लिया जाएगा।
आज शाम बिलासपुर पहुंचेंगे मोहन भागवत
RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 22 अक्टूबर को नागपुर से गोंडवाना एक्सप्रेस के जरिए बिलासपुर पहुंचेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे शाम करीब चार बजे शहर पहुंचने के बाद कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर जाएंगे। यहां शाम सात से आठ बजे तक बौद्धिक वर्ग को संबोधित करने का कार्यक्रम है। इसमें संघ के पदाधिकारी, स्वयंसेवक और भाजपा सहित विभिन्न आनुषंगिक संगठनों से जुड़े लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। संबोधन में सामाजिक विषयों, संगठन की भूमिका और भविष्य की प्राथमिकताओं पर मार्गदर्शन दिए जाने की संभावना है।
युवाओं को संगठन से जोड़ने पर रहेगा फोकस
देश में युवाओं की बढ़ती सामाजिक और सार्वजनिक भागीदारी के बीच RSS युवा वर्ग तक अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी संदर्भ में 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों को संगठन से जोड़ने की चर्चा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) से जुड़े युवाओं के लिए भी संगठनात्मक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इन संगठनों के युवाओं के लिए किसी विशेष कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
23 अक्टूबर को होगी प्रांत कार्यकारिणी की बैठक
मोहन भागवत के प्रवास के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ प्रांत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक प्रस्तावित है। इसमें बिलासपुर नगर के उपनगरों सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े संघ पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में संगठनात्मक कामकाज, जिम्मेदारियों के बंटवारे और आगामी गतिविधियों पर चर्चा होने की संभावना है। संघ के अन्य आनुषंगिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी को लेकर कार्यक्रम की निर्धारित व्यवस्था लागू रहेगी।
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की होगी समीक्षा
RSS के शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रम भी बैठक के एजेंडे में महत्वपूर्ण रह सकते हैं। प्रांत, विभाग और योजना स्तर के पदाधिकारी अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके आधार पर अब तक हुए कार्यक्रमों की समीक्षा और आगे की रणनीति तैयार किए जाने की संभावना है।
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संगठनात्मक बदलाव पर अंतिम फैसले का इंतजार
मोहन भागवत के बिलासपुर दौरे को संगठन की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रायपुर और बिलासपुर में अलग-अलग संगठनात्मक इकाइयां बनाने की चर्चा के बीच अब सबकी नजरें बैठक में होने वाली बातचीत और उसके बाद सामने आने वाले आधिकारिक निर्णय पर रहेंगी।




















