डांट के खौफ में रची अस्मत से खिलवाड़ की खौफनाक साजिश:झूठी कहानी गढ़कर नाबालिग ने उड़ाई इंदौर पुलिस की नींद

इन्दौर। तिलक नगर थाना क्षेत्र में रिश्तों की मर्यादा को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी चलाने और फिर पकड़े जाने के डर से कानून व्यवस्था का क्रूर माखौल उड़ाने का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने अपनी अस्मत से खिलवाड़ और अपहरण का ऐसा खौफनाक और मनगढ़ंत स्वांग रचा कि कुछ ही पलों में पूरी इंदौर पुलिस की सांसें फूल गईं। कोचिंग क्लास को बीच रास्ते में ही बंक कर अपने बॉयफ्रेंड के साथ बंद कमरों में वक्त बिताने वाली इस छात्रा ने जब देखा कि घर लौटने की समय-सीमा पार हो चुकी है, तो उसने अपनी जननी की डांट और सामाजिक बदनामी के खौफ से बचने के लिए 'सामूहिक दुष्कर्म' जैसी संवेदनशील और जघन्य वारदात की झूठी पटकथा लिख डाली। इस झूठी कहानी ने एक झटके में पुलिस की पूरी कमान को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया।
पीड़िता के दावों की धज्जियां उड़ा दी
शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस के आला अधिकारियों ने जब इस तथाकथित वारदात की तह तक जाने के लिए तफ्तीश की सुई आगे बढ़ाई, तो परत-दर-परत इस साजिश का भंडाफोड़ होता चला गया। मुस्तैद खाकी और आधुनिक तकनीक के सटीक कॉम्बिनेशन ने महज कुछ ही घंटों के भीतर पीड़िता के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। पुलिसिया तफ्तीश में जो सच निकलकर सामने आया, वह न केवल हैरान करने वाला था, बल्कि इस बात का पुख्ता सबूत भी था कि कैसे आज की युवा पीढ़ी अपनी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए किसी भी हद तक गिरने को तैयार है। जांच में साफ हुआ कि छात्रा बुधवार को बंगाली चौराहा स्थित अपने शिक्षा केंद्र पर महज पांच मिनट का दिखावा करने के बाद, वहां से सीधे विजय नगर क्षेत्र के एक होटल में अपने बॉयफ्रेंड अंश के साथ अय्याशी करने पहुंच गई थी।
अनजान राहगीर के फोन का इस्तेमाल
शाम के धुंधलके में जब उसे इस बात का अहसास हुआ कि वक्त हाथ से फिसल चुका है और अब घर पर जवाब देना भारी पड़ेगा, तो उसने बेहद शातिर अंदाज में एक खौफनाक योजना को अंजाम दिया। बॉयफ्रेंड को सुरक्षित उसके घर रवाना करने के बाद खुद बायपास की ओर निकल गई और वहां किसी अनजान राहगीर के फोन का इस्तेमाल कर अपनी मां को यह रोंगटे खड़े कर देने वाली सूचना दी कि कार सवार तीन दरिंदों ने उसका अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया है। इस पूरे ड्रामे को पूरी तरह जीवंत और विश्वसनीय बनाने के लिए उस लड़की ने क्रूरता की हदें पार करते हुए खुद अपने ही हाथों पर घाव के गहरे निशान तक बना डाले। इस चीख-पुकार से बदहवास परिजन तुरंत उसे लेकर शिप्रा थाने पहुंचे, जहां मामले की संगीनता को देखते हुए तत्काल 'शून्य' पर कायमी कर तफ्तीश का चक्रव्यूह तैयार किया गया।
छात्रा सिर्फ पांच मिनट के लिए आई
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी जोन-2 अमनसिंह राठौर और एडीसीपी अमरेंद्रसिंह ने जब खुद कमान संभाली और पीड़िता के बयानों का एक्सरे किया, तो उसमें विरोधाभासों की भरमार मिली। पुलिस ने बिना एक पल गंवाए तीन अलग-अलग आक्रामक टीमें गठित कीं और इस रहस्यमयी गुत्थी पर से पर्दा हटाने का अभियान शुरू किया। पहली टीम ने जब कोचिंग सेंटर के सीसीटीवी कैमरों और शिक्षकों को खंगाला, तो साफ हो गया कि छात्रा सिर्फ पांच मिनट के लिए आई थी। वहीं, दूसरी टीम ने जब संबंधित होटल पर धावा बोला, तो वहां के रिसेप्शन रजिस्टर और तीसरी आंख (CCTV) ने छात्रा के सारे झूठ का सरेआम कत्ल कर दिया। होटल में दोनों के पहचान पत्र जमा थे और वे अपनी मर्जी से अंदर गए थे।
डर से लड़की ने सामूहिक दुष्कर्म का पूरा षड्यंत्र रचा
इस अकाट्य सबूत के हाथ लगते ही तीसरी टीम ने आरोपी बॉयफ्रेंड अंश को दबोचकर जब सख्ती से पूछताछ की, तो उसने घुटने टेकते हुए सच उगल दिया कि बदनामी और पारिवारिक प्रताड़ना के डर से लड़की ने सामूहिक दुष्कर्म का यह पूरा षड्यंत्र रचा था। हालांकि, कानूनन इस पूरी कहानी के झूठे साबित होने के बावजूद, पीड़िता के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने आरोपी बॉयफ्रेंड को सलाखों के पीछे धकेलते हुए उस पर दुष्कर्म और पाक्सो (POCSO) जैसी सख्त धाराओं के तहत मुकदमा ठोक दिया है। इसके साथ ही, अनैतिक गतिविधियों को प्रश्रय देने और नियमों को ताक पर रखने के जुर्म में उस होटल को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। फिलहाल, इस पूरे ड्रामे की पटकथा लिखने वाली छात्रा के बयान अदालत के समक्ष दर्ज कराए जा रहे हैं, लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि खौफ की आड़ में रचा गया झूठ कभी भी कानून के फंदे से बच नहीं सकता।












