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अपने बंगले की बाउंड्रीवॉल से लगी शराब दुकान नहीं हटवा पाए मंत्री प्रहलाद पटेल

आबकारी विभाग ने कहा- ठेकेदार का कारोबार होगा प्रभावित

अशोक गौतम-भोपाल। राजधानी के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित एक शराब की दुकान को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल भी नहीं हटवा पा रहे हैं जबकि ये दुकान मंत्री पटेल को आवंटित बंगले की बाउंड्रीवॉल से लगी हुई है। हालात ये हैं कि शाम होते ही यहां पर शोर शराबा होने लगता है और तो और शिकायत की तो मंत्री के बंगले की तरफ ठेकेदार ने दुकान ऊपर विदेशी शराब की दुकान का एक बड़ा पोस्टर भी लगा दिया है।

मंत्री प्रहलाद पटेल को प्रोफेसर कॉलोनी स्थित राज्य अतिथि भवन के बगल में चार माह पहले बंगला आवंटित किया था। इसके एक माह बाद ही मंत्री ने उक्त शराब दुकान को हटाने के लिए आबकारी विभाग को लिखा था। उन्होंने यह भी हवाला दिया था कि यहां सरकारी बंगले हैं और पास में गर्ल्स कॉलेज है। इससे लगा हुआ राज्य सरकार का विश्राम गृह भी है, जहां प्रदेश के नेता, मंत्री, अफसर आते जाते रहते हैं।

आबकारी विभाग बोला- पारंपरिक दुकान, नहीं हटा सकते

आबकारी विभाग ने इस मामले की जांच और निराकरण की जिम्मेदारी भोपाल संभागीय आबकारी उपायुक्त यशवंत कुमार धनौरा को दी थी। उपायुक्त धनौरा ने इस मामले की जांच कराई। धनौरा ने मंत्री के पत्र का जवाब देते हुए बताया कि यह दुकान पारंपरिक है, इसके चलते इसे नहीं हटाया जा सकता है। इसके साथ ही ठेकेदार को यह दुकान एक साल के लिए आवंटित की गई है, इससे हटाना मुश्किल है। इसमें ठेकेदार का कारोबार प्रभावित हो सकता है। इसे हटाने के लिए सरकार को नीति में बदलाव करना होगा।

शराब दुकान खोलने का नियम

शासन की गाइड लाइन के मुताबिक शैक्षणिक संस्थान स्कूल, कॉलेज, गर्ल्स हॉस्टल से 100 मीटर दूर पर शराब की दुकानें रहेगी। इतना ही नहीं मंदिर, मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थल से भी 100 मीटर की दूर शराब दुकान होनी चाहिए। अगर हम इस शराब दुकान की बात करें तो यहां पास में कॉलेज हैं। इससे कॉलेज की छात्राओं को आने जाने में परेशानी होती है।

तीन जगह से शिफ्ट दुकान, यहां से क्यों नहीं हट सकती

शराब की इस दुकान को सबसे पहले रेत घाट में आवंटित किया गया था। एक साल तक संचालित होने बाद जब दोबारा टेंडर हुआ तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। इसके बाद इसे कमला पार्क के पास शिफ्ट किया गया। वहां पर भी विरोध होने के बाद जिला प्रशासन ने इस दुकान को पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास सीएम हाउस जाने वाली रोड में शिफ्ट कर दिया। वहां से विरोध होने के बाद इसे प्रोफेसर कालोनी में शिफ्ट किया गया। जब यह शराब दुकान तीन जगह से शिफ्ट हो सकती है तो यहां से क्यों नहीं।

शराब दुकान हटाएंगे शराब की दुकान हटाई जाएगी। आबकारी विभाग की ओर से पहल की जाएगी। इस तरह की दुकान मैंने गोटेगांव और नरसिंहपुर शहर के बस्तियों के बीच से हटवाई है। -प्रहलाद पटेल, मंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और श्रम विभाग

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