लुधियाना की फैक्ट्री में गैस लीक :पिता- बेटे समेत 3 की मौत, कई मजदूरों की हालत नाजुक

लुधियाना में पाना- चाबी बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण गैस रिसाव हुआ है। हादसा रात तकरीबन 2 बजे का है जब अचानक जहरीली गैस लीक हो गई। हादसे में दम घुटने से एक बाप- बेटे सहित 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। जबकि फैक्ट्री में काम कर कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
घटना के वक्त मौजूद लोगों ने बताया कि फैक्ट्री में रोज की तरह काम चल रहा था। इसी दौरान गैस पाइपलाइन लीक हो गई और तेज गंध आने लगी। कोई कुछ समझता उससे पहले ही मिनटों में जहरीली गैस फैक्ट्री के अंदर फैल गई। इतना ही नहीं गैस का असर इतना भयंकर था कि वहां मौजूद मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे सुरक्षित बाहर नहीं निकल पाए। दूसरी ओर दम घुटने और आंखों में तेज जलन के कारण कई मजदूर फैक्ट्री केअंदर ही गिर पड़े।
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तीन लोगों की मौत
जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल मौके से घटनास्थल पहुंची। एसडीएम जसलीन भुल्लर ने अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है। मतकों की पहचान पिता मान सिंह और बेटा अमित और एक अन्य की पहचान श्री राम के रूप में हुई है। बता दें मान सिंह और अमित मशीन के नीचे निकलने वाली मिट्टी को भरने का काम कर रहे थे। इसी बीच वे हादसे की चपेट में आ गए, अमित शादीशुदा था और उसकी एक साल की बेटी भी है।
मृतक की बेटी बोली- अस्पताल ने नहीं दी कोई सूचना
लुधियाना की फैक्ट्री में जहरीली गैस रिसाव से हुई मौतों के मामले में मृतक परिवारों की दर्दनाक कहानी सामने आई है। हादसे में जान गंवाने वाले मान सिंह की बेटी रेनू ने आरोप लगाया कि घटना के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने परिवार को कोई सूचना तक नहीं दी। उन्हें खुद तलाश करते हुए अस्पताल पहुंचना पड़ा, जहां पिता और भाई की मौत की जानकारी मिली।
रेनू के मुताबिक, फैक्ट्री परिसर में एक वेस्टेज गटर था, जिसकी सफाई का काम उसके पिता मान सिंह (46) और भाई अमित (28) करते थे। घटना वाली रात भी दोनों ड्यूटी पर गए थे। जैसे ही उन्होंने गटर का ढक्कन खोला, अंदर जमा जहरीली गैस बाहर निकली और दोनों उसकी चपेट में आ गए।
कई फोन कॉल्स का नहीं मिला जबाव
परिवार के अनुसार, मान सिंह और अमित आमतौर पर रात 2 से 3 बजे के बीच घर लौट आते थे, लेकिन उस रात वे वापस नहीं पहुंचे। कई बार फोन करने के बावजूद किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। सुबह चिंता बढ़ने पर परिवार के लोग उन्हें ढूंढते हुए फैक्ट्री पहुंचे। वहां उनका ट्रैक्टर खड़ा मिला, लेकिन कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। बाद में जानकारी मिली कि दोनों को अस्पताल ले जाया गया है।
जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि पिता और बेटे की मौत हो चुकी है। रेनू ने बताया कि अमित की शादी तीन साल पहले हुई थी। उसकी पत्नी गृहिणी है और उनकी डेढ़ साल की एक बेटी है। परिवार में चार बहनें, एक छोटा भाई, मां और भाभी हैं। उनका परिवार मूल रूप से हरियाणा के फतेहाबाद का रहने वाला है और फिलहाल ग्यासपुरा में रहता है। रेनू ने यह भी कहा कि उसके पिता और भाई का मुख्य काम कुछ और था, लेकिन रात के समय उनसे मलबा हटाने और सफाई का काम भी कराया जाता था। हादसे के बाद अब तक फैक्ट्री मालिक भी परिवार से मिलने नहीं पहुंचे हैं।
पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड करेगी जांच
वहीं एसडीएम जसलीन कौर भुल्लर ने बताया कि हादसा रात करीब 2 बजे आरके रोड स्थित दीप टूल्स फैक्ट्री में हुआ। इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि दो अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
प्रशासन के मुताबिक अभी यह साफ नहीं है कि कौन सी गैस लीक हुई थी। फैक्ट्री के अंदर मौजूद एक टैंक में केमिकल या अन्य पदार्थ रखे होने की आशंका है। मामले की जांच के लिए पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और नगर निगम की टीमों को बुलाया गया है।











